IDFC First Bank के शेयरधारकों के लिए हालिया खबरें चिंता बढ़ाने वाली रहीं। बैंक के चंडीगढ़ स्थित ब्रांच में ₹590 करोड़ के एक बड़े फ्रॉड का खुलासा हुआ है। यह मामला कुछ कर्मचारियों और हरियाणा सरकार के खातों से जुड़े पैसों के गलत इस्तेमाल से जुड़ा बताया जा रहा है। इस खबर ने निवेशकों में खलबली मचा दी, जिसके चलते शेयर में लगभग 20% की भारी गिरावट दर्ज की गई। वहीं, बाजार के अन्य इंडेक्स जैसे Nifty में तेजी का माहौल था।
इस बड़ी गिरावट के बावजूद, ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म JP Morgan ने IDFC First Bank पर अपना भरोसा बनाए रखा है। उन्होंने स्टॉक पर 'Overweight' रेटिंग को बरकरार रखा है और ₹91 का टारगेट प्राइस सेट किया है। JP Morgan का मानना है कि बाजार की प्रतिक्रिया जरूरत से ज्यादा सख्त है और बैंक की अंदरूनी ताकत (Underlying Strength) को नजरअंदाज कर रही है। बैंक ने इस मामले में तुरंत कार्रवाई करते हुए कुछ कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया है और एक विस्तृत फॉरेंसिक ऑडिट के लिए KPMG को नियुक्त किया है। बैंक ने यह भी स्पष्ट किया है कि उसकी कैपिटल एडिक्वेसी (Capital Adequacy) और लिक्विडिटी (Liquidity) मजबूत बनी हुई है।
यह घटना भले ही चिंताजनक हो, लेकिन IDFC First Bank के Q3 FY26 के नतीजे दमदार थे। बैंक का नेट प्रॉफिट पिछले साल की तुलना में 48.05% बढ़कर ₹503 करोड़ रहा, जो कस्टमर डिपॉजिट्स और लोंस (Loans) में मजबूत ग्रोथ को दिखाता है। हालांकि, ब्रोकरेज फर्मों का ध्यान बैंक के वैल्यूएशन पर भी है। IDFC First Bank का P/E रेश्यो (Price-to-Earnings Ratio) 45.66 के आसपास है, जो प्राइवेट बैंकों के औसत 15.1x से काफी ज्यादा है। HDFC Bank (20.08x), ICICI Bank (19.63x) और Axis Bank (15.36x) जैसे बड़े बैंक इससे कम P/E पर ट्रेड कर रहे हैं।
यह मामला भारतीय बैंकिंग सेक्टर में बढ़ते फ्रॉड के बड़े ट्रेंड का भी एक हिस्सा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, FY25 की पहली छमाही में ही बैंकिंग फ्रॉड से ₹213.67 बिलियन का नुकसान हुआ है। हरियाणा सरकार ने भी इस घटना के बाद IDFC First Bank को सरकारी कारोबार से डी-एम्पेनल (De-empanel) करने का फैसला किया है, जो बैंक के लिए एक झटका माना जा रहा है। JP Morgan जैसी फर्मों का मानना है कि बैंक के पास मजबूत कैपिटल बफ़र्स (Capital Buffers) हैं, जो ऐसे झटकों से निपटने में मदद करेंगे।
IDFC First Bank की मैनेजमेंट भविष्य में फंड की लागत (Cost of Funds) कम करने पर ध्यान दे रही है, जिससे नेट इंटरेस्ट मार्जिन (Net Interest Margin) को सहारा मिलेगा। JP Morgan का ₹91 का टारगेट प्राइस बैंक की इस क्षमता पर विश्वास दिखाता है। ऐतिहासिक रूप से, IDFC First Bank के शेयर ने अच्छी मजबूती दिखाई है। पिछले एक दशक में, 1.65% से भी कम ट्रेडिंग सेशंस में शेयर में 5% से ज्यादा की इंट्राडे गिरावट देखी गई है। हालांकि, निवेशकों का सेंटिमेंट (Sentiment) फिलहाल सतर्क रहेगा। सभी की निगाहें KPMG द्वारा किए जारेन फॉरेंसिक ऑडिट के नतीजों पर टिकी हैं और इस बात पर कि बैंक कैसे ग्राहकों और नियामकों का विश्वास दोबारा हासिल कर पाता है। निकट अवधि में शेयर में कुछ उतार-चढ़ाव (Volatility) देखने को मिल सकता है।