IDFC First Bank, AU SFB पर गिरी गाज! ₹590 करोड़ के फ्रॉड से शेयर धड़ाम, निवेशकों में हड़कंप

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AuthorMehul Desai|Published at:
IDFC First Bank, AU SFB पर गिरी गाज! ₹590 करोड़ के फ्रॉड से शेयर धड़ाम, निवेशकों में हड़कंप
Overview

हरियाणा सरकार की कार्रवाई और IDFC First Bank में ₹590 करोड़ के फ्रॉड का खुलासा होने के बाद IDFC First Bank और AU Small Finance Bank के शेयरों में भारी गिरावट आई है। इस खबर का असर निवेशकों के भरोसे पर भी साफ दिख रहा है।

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फ्रॉड की मार: IDFC First Bank, AU SFB के शेयर गिरे

यह मामला तब और गंभीर हो गया जब IDFC First Bank और AU Small Finance Bank दोनों को हरियाणा सरकार ने अपनी लिस्ट से हटा दिया। IDFC First Bank ने खुद बताया कि उनके एक ब्रांच में ₹590 करोड़ का फ्रॉड हुआ है, जिसमें कर्मचारियों की मिलीभगत और जाली चेक का इस्तेमाल किया गया। इस वजह से हरियाणा सरकार के खाते भी प्रभावित हुए। इसी बीच, AU Small Finance Bank के भी कुछ ट्रांजैक्शन्स पर सवाल उठने के बाद सरकार ने उन्हें भी डी-इम्पेनल कर दिया।

स्टॉक मार्केट में भूचाल, निवेशकों का डर

इस खबर का असर शेयर बाजार में तुरंत देखने को मिला। IDFC First Bank के शेयर 20% तक गिर गए, जिससे कंपनी का मार्केट कैप करीब ₹11,400 करोड़ कम होकर लगभग ₹57,485.6 करोड़ रह गया। यह पिछले छह सालों में सबसे बड़ी गिरावट थी। वहीं, AU Small Finance Bank के शेयर भी करीब 10% गिरे, जिससे कंपनी को ₹5,200 करोड़ से ज्यादा का नुकसान हुआ। हरियाणा सरकार ने दोनों बैंकों को राज्य से जुड़े किसी भी वित्तीय काम से रोक दिया है, जो कि ऑपरेशनल कमियों का सीधा असर दिखाता है।

फंडामेंटल एनालिसिस: वैल्यूएशन और गवर्नेंस का सवाल

IDFC First Bank का TTM P/E रेशियो 41-46x के आसपास है, जो सेक्टर के औसत 10-20x से काफी ज्यादा है। इसका मतलब है कि निवेशक इस बैंक को उसके फंडामेंटल्स से ज्यादा वैल्यू दे रहे थे। AU Small Finance Bank का P/E 24-33x है, जो सेक्टर से ऊपर ही है। ऐसे में गवर्नेंस और कंट्रोल को लेकर उठ रहे सवालों ने इन वैल्यूएशन्स पर दबाव बना दिया है। भारतीय बैंकिंग सेक्टर मजबूती दिखा रहा है, लेकिन यह घटना ऑपरेशनल कमजोरियों की याद दिलाती है।

कंट्रोल डिफिसिट और रिप्यूटेशनल रिस्क

IDFC First Bank के चंडीगढ़ ब्रांच में ₹590 करोड़ का यह फ्रॉड, जो कि जाली चेक और कर्मचारी मिलीभगत से हुआ, बैंक के इंटरनल सिक्योरिटी सिस्टम पर एक बड़ा सवालिया निशान लगाता है। यह उस बैंक के लिए चिंताजनक है जो टेक्नोलॉजी पर फोकस करने का दावा करता है। कुछ अनुमानों के मुताबिक, यह नुकसान बैंक के FY26 के प्री-टैक्स प्रॉफिट का लगभग 20% हो सकता है। AU Small Finance Bank के लिए, हरियाणा सरकार द्वारा डी-इम्पेनल होने से सरकारी डिपॉजिट्स पर असर पड़ा है, जो कुल डिपॉजिट बेस का करीब 0.4% था। छोटे फाइनेंस बैंकों में GNPA का बढ़ना भी चिंता का विषय है। दोनों बैंकों का मार्केट कैप मिलकर ₹16,000 करोड़ से ज्यादा गिरा है, जो निवेशकों की गहरी चिंता को दिखाता है।

आगे क्या?

विश्लेषकों का मानना है कि निकट भविष्य में स्थिति थोड़ी चुनौतीपूर्ण रह सकती है। IDFC First Bank के लिए औसत टारगेट प्राइस 82.46 रुपये के आसपास है, जो मौजूदा भाव से लगभग 17.73% की तेजी का संकेत देता है। AU Small Finance Bank के लिए भी 'Buy' रेटिंग और 1034.85 रुपये का औसत टारगेट प्राइस है। हालांकि, यह टारगेट फ्रॉड के पूरे असर, रिकवरी की कोशिशों और रेगुलेटरी एक्शन के बाद बदल सकते हैं। बाजार अब IDFC First Bank के लिए KPMG की फॉरेंसिक ऑडिट रिपोर्ट और AU Small Finance Bank के ऑपरेशनल इंटीग्रिटी को लेकर उठाए जाने वाले कदमों पर बारीकी से नजर रखेगा।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.