IDFC FIRST Bank के निवेशकों के लिए अच्छी खबर है! बैंक ने जून 2026 को समाप्त पहली तिमाही (Q1 FY27) में **132%** की शानदार बढ़ोतरी के साथ **₹1,075 करोड़** का नेट प्रॉफ़िट दर्ज किया है। यह दमदार प्रदर्शन लोन ग्रोथ और एसेट क्वालिटी में सुधार के दम पर हासिल हुआ है। साथ ही, बैंक ने भविष्य के बिजनेस के लिए ₹20,000 करोड़ तक की फंड जुटाने की भी घोषणा की है।
Detailed Coverage
IDFC FIRST Bank की कमाई में जबरदस्त उछाल
IDFC FIRST Bank ने जून 2026 में समाप्त पहली तिमाही के लिए अपनी ज़बरदस्त मुनाफ़े की रिपोर्ट पेश की है। बैंक का नेट प्रॉफ़िट बढ़कर ₹1,075 करोड़ तक पहुंच गया है, जो पिछले साल की इसी तिमाही में रिपोर्ट किए गए ₹463 करोड़ से कहीं ज़्यादा है। इस शानदार प्रदर्शन का मुख्य कारण नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) में 21% की बढ़ोतरी रही, जो ₹5,972 करोड़ तक पहुंच गई। इसके अलावा, फी-बेस्ड एक्टिविटीज और ट्रेजरी ऑपरेशन्स जैसी अन्य इनकम स्ट्रीम्स में भी 23% का इजाफा देखा गया।
एसेट क्वालिटी और लोन बुक में सुधार
बैंक की बैलेंस शीट में एसेट क्वालिटी के मोर्चे पर भी बड़ा सुधार देखने को मिला है। जून 2026 के अंत तक ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (GNPAs) यानी बैड लोन्स का अनुपात घटकर 1.51% रह गया, जो पिछले साल 1.97% था। इसी तरह, नेट NPAs भी सुधरकर 0.44% हो गया, जो पिछले साल 0.55% था। बैंक के कोर बिजनेस में भी विस्तार हुआ है, जहां टोटल लोन एसेट्स में साल-दर-साल 20.6% की वृद्धि के साथ यह ₹3,05,370 करोड़ तक पहुंच गया। इसी अवधि में, कस्टमर डिपॉजिट 16.6% बढ़कर ₹2,99,405 करोड़ हो गया, जबकि नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) जो कि लेंडिंग ऑपरेशन्स की मुनाफ़े को दर्शाता है, 5.71% से बढ़कर 5.96% हो गया।
कैपिटल जुटाने की रणनीति
तिमाही नतीजों के अलावा, बैंक के बोर्ड ने बड़ी पूंजी जुटाने की योजना को भी हरी झंडी दे दी है। बैंक का लक्ष्य कुल मिलाकर ₹20,000 करोड़ जुटाना है। इसमें ₹7,500 करोड़ तक के इक्विटी सिक्योरिटीज जारी करने और ₹12,500 करोड़ तक के डेट इंस्ट्रूमेंट्स जारी करने की योजना शामिल है। इस पूंजी का इस्तेमाल बैंक की कैपिटल एडिक्वेसी को मजबूत करने और उसके लेंडिंग एक्टिविटीज व बिजनेस एक्सपेंशन को सपोर्ट करने के लिए किया जाएगा।
