IDFC FIRST Bank को S&P Global Ratings से पहली बार 'BBB-' की इंटरनेशनल क्रेडिट रेटिंग मिली है। बैंक अब ग्लोबल मार्केट से फंड जुटाने की राह पर है और निवेशकों की नजर इसके **₹7,500 करोड़** के फंड रेजिंग प्लान पर है।
IDFC FIRST Bank ने अब ग्लोबल फाइनेंस की दुनिया में कदम रख दिया है। बैंक को S&P Global Ratings से 'BBB-' लॉन्ग-टर्म और 'A-3' शॉर्ट-टर्म रेटिंग मिली है, जिसका आउटलुक 'स्टेबल' है। इस कदम से बैंक को घरेलू बाजार के अलावा विदेशी मार्केट से भी फंड जुटाने में बड़ी मदद मिलेगी।\n\n### कैपिटल और एफिशिएंसी का लक्ष्य\n\nबैंक की योजना फाइनेंशियल ईयर 2027 में ₹7,500 करोड़ की अतिरिक्त पूंजी जुटाने की है। S&P का अनुमान है कि आने वाले 18 से 24 महीनों में बैंक का रिस्क-एडजस्टेड कैपिटल रेशियो 10% से 10.5% के बीच बना रहेगा। इसके साथ ही, मैनेजमेंट का पूरा फोकस ऑपरेशनल एफिशिएंसी सुधारने पर है। बैंक का लक्ष्य कॉस्ट-टू-इनकम रेशियो को मौजूदा 75% (FY26 के स्तर) से घटाकर 65% से 70% के दायरे में लाने का है।\n\n### डिपॉजिट की मजबूती और रिस्क\n\nबैंक का डिपॉजिट बेस काफी मजबूत है। 30 जून 2026 तक, बैंक का CASA रेशियो 50.8% रहा है, जो इसकी रिटेल-लेड डिपॉजिट फ्रैंचाइज़ी को दर्शाता है। हालांकि, निवेशकों को बैंक के लोन बुक विस्तार (जो करीब 20% प्रति वर्ष है) के दौरान एसेट क्वालिटी और क्रेडिट कॉस्ट पर पैनी नजर रखनी होगी।\n\nअब देखना यह होगा कि बैंक इस नई इंटरनेशनल रेटिंग का इस्तेमाल अपनी बॉरोइंग कॉस्ट को घटाने और कैपिटल जरूरतों को पूरा करने में कितनी कुशलता से कर पाता है।
