IDBI Bank Share: निवेशकों की बल्ले-बल्ले! फाइनेंस मिनिस्टर की हरी झंडी, शेयर **8%** उछला

BANKINGFINANCE
Whalesbook Logo
AuthorKaran Malhotra|Published at:
IDBI Bank Share: निवेशकों की बल्ले-बल्ले! फाइनेंस मिनिस्टर की हरी झंडी, शेयर **8%** उछला
Overview

सरकार IDBI Bank के लंबे समय से अटके हुए स्टेक सेल (Stake Sale) प्रक्रिया को आगे बढ़ाएगी। फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण के इस बयान के बाद शुक्रवार को IDBI Bank के शेयर में लगभग **8%** की जोरदार तेजी देखी गई।

Instant Stock Alerts on WhatsApp

Used by 10,000+ active investors

1

Add Stocks

Select the stocks you want to track in real time.

2

Get Alerts on WhatsApp

Receive instant updates directly to WhatsApp.

  • Quarterly Results
  • Concall Announcements
  • New Orders & Big Deals
  • Capex Announcements
  • Bulk Deals
  • And much more

विनिवेश पर सरकारी मुहर से आई तेजी

सरकार द्वारा IDBI Bank में अपनी हिस्सेदारी बेचने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की पुष्टि के बाद शुक्रवार को बैंक के शेयर 8% तक उछल गए। इंट्राडे में यह शेयर ₹79.90 के स्तर तक पहुंच गया। फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण ने यह साफ कर दिया है कि बैंक का विनिवेश (Disinvestment) पूरा किया जाएगा, जिससे निवेशकों के मन में पिछले कुछ समय से चल रही अनिश्चितता दूर हो गई है। यह तेजी ऐसे समय में आई है जब पिछले 12 महीनों में IDBI Bank का शेयर करीब 9.5% गिर चुका था, जबकि Nifty Bank इंडेक्स में इसी दौरान लगभग 2.5% का उछाल आया था। IDBI Bank का मौजूदा मार्केट कैपिटलाइजेशन ₹54,980 करोड़ है और इसका ट्रेलिंग P/E रेश्यो 15.80 है।

विनिवेश प्रक्रिया: क्या है प्लान?

IDBI Bank में सरकार और लाइफ इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन (LIC) की कुल 94.71% हिस्सेदारी है। योजना के तहत, सरकार अपनी 30.48% हिस्सेदारी और LIC अपनी 30.24% हिस्सेदारी बेचेगी, यानी कुल 60.72% शेयरों की बिक्री की जाएगी। इस स्टेक सेल के लिए एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट (EOI) पहली बार अक्टूबर 2022 में जारी किया गया था। रिपोर्ट्स के अनुसार, फाइनेंशियल बिड्स फरवरी 6, 2026 को सबमिट किए गए थे। ऐसी खबरें हैं कि सरकार को दो बचे हुए संभावित खरीदारों से रिवाइज्ड बिड्स (Revised Bids) मांगने पड़ सकते हैं, क्योंकि शुरुआती ऑफर रिज़र्व प्राइस (Reserve Price) से कम थे।

वैल्यूएशन की तुलना: प्रतिस्पर्धियों से कहां खड़ा है बैंक?

IDBI Bank का वैल्यूएशन (Valuation) अपने प्रतिस्पर्धियों की तुलना में मिला-जुला है। इसका ट्रेलिंग P/E रेश्यो 15.80 है, जो HDFC Bank (22.10) और Kotak Mahindra Bank (24.50) से कम है, लेकिन ICICI Bank (17.50) के करीब और State Bank of India (10.20) से थोड़ा ज्यादा है। दिसंबर 2025 को समाप्त तिमाही के अनुसार, बैंक का डेट-टू-इक्विटी रेश्यो (Debt to Equity Ratio) लगभग 1.25 था। ऐसा लगता है कि निवेशक तत्काल वैल्यूएशन के आंकड़ों के बजाय बिक्री प्रक्रिया की स्पष्टता को अधिक महत्व दे रहे हैं, खासकर शेयर के पिछले खराब प्रदर्शन को देखते हुए।

आगे क्या हैं जोखिम?

हालिया शेयर उछाल के बावजूद, IDBI Bank के लिए महत्वपूर्ण जोखिम बने हुए हैं। एक मुख्य चिंता सरकार की उम्मीदों और प्राप्त बिड्स के बीच के अंतर को लेकर है। इससे यह संकेत मिलता है कि बिक्री योजना से कम वैल्यूएशन पर हो सकती है या रिवाइज्ड बिड्स के भी कम रहने पर लंबी बातचीत का सामना करना पड़ सकता है। पिछले साल बैंकिंग इंडेक्स के मुकाबले शेयर का लगातार खराब प्रदर्शन सरकारी स्वामित्व से परे संभावित मुद्दों की ओर इशारा करता है, जो शायद क्षमता या प्रतिस्पर्धात्मकता से संबंधित हों।

आउटलुक विनिवेश की प्रगति पर निर्भर

IDBI Bank के शेयर का प्रदर्शन निकट भविष्य में काफी हद तक विनिवेश प्रक्रिया के आगे बढ़ने पर निर्भर करेगा। निवेशक रिवाइज्ड बिड आमंत्रण, खरीदारों के साथ बातचीत और सरकार की वैल्यूएशन रणनीति पर बारीकी से नजर रखेंगे। हालांकि सरकार की पुष्टि ने शेयर को अल्पकालिक मजबूती दी है, लेकिन स्टेक सेल की सफलता एक सहमत वैल्यूएशन तक पहुंचने और लेनदेन को सुचारू रूप से पूरा करने पर निर्भर करती है।

Get stock alerts instantly on WhatsApp

Quarterly results, bulk deals, concall updates and major announcements delivered in real time.

Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.