विनिवेश पर सरकारी मुहर से आई तेजी
सरकार द्वारा IDBI Bank में अपनी हिस्सेदारी बेचने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की पुष्टि के बाद शुक्रवार को बैंक के शेयर 8% तक उछल गए। इंट्राडे में यह शेयर ₹79.90 के स्तर तक पहुंच गया। फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण ने यह साफ कर दिया है कि बैंक का विनिवेश (Disinvestment) पूरा किया जाएगा, जिससे निवेशकों के मन में पिछले कुछ समय से चल रही अनिश्चितता दूर हो गई है। यह तेजी ऐसे समय में आई है जब पिछले 12 महीनों में IDBI Bank का शेयर करीब 9.5% गिर चुका था, जबकि Nifty Bank इंडेक्स में इसी दौरान लगभग 2.5% का उछाल आया था। IDBI Bank का मौजूदा मार्केट कैपिटलाइजेशन ₹54,980 करोड़ है और इसका ट्रेलिंग P/E रेश्यो 15.80 है।
विनिवेश प्रक्रिया: क्या है प्लान?
IDBI Bank में सरकार और लाइफ इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन (LIC) की कुल 94.71% हिस्सेदारी है। योजना के तहत, सरकार अपनी 30.48% हिस्सेदारी और LIC अपनी 30.24% हिस्सेदारी बेचेगी, यानी कुल 60.72% शेयरों की बिक्री की जाएगी। इस स्टेक सेल के लिए एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट (EOI) पहली बार अक्टूबर 2022 में जारी किया गया था। रिपोर्ट्स के अनुसार, फाइनेंशियल बिड्स फरवरी 6, 2026 को सबमिट किए गए थे। ऐसी खबरें हैं कि सरकार को दो बचे हुए संभावित खरीदारों से रिवाइज्ड बिड्स (Revised Bids) मांगने पड़ सकते हैं, क्योंकि शुरुआती ऑफर रिज़र्व प्राइस (Reserve Price) से कम थे।
वैल्यूएशन की तुलना: प्रतिस्पर्धियों से कहां खड़ा है बैंक?
IDBI Bank का वैल्यूएशन (Valuation) अपने प्रतिस्पर्धियों की तुलना में मिला-जुला है। इसका ट्रेलिंग P/E रेश्यो 15.80 है, जो HDFC Bank (22.10) और Kotak Mahindra Bank (24.50) से कम है, लेकिन ICICI Bank (17.50) के करीब और State Bank of India (10.20) से थोड़ा ज्यादा है। दिसंबर 2025 को समाप्त तिमाही के अनुसार, बैंक का डेट-टू-इक्विटी रेश्यो (Debt to Equity Ratio) लगभग 1.25 था। ऐसा लगता है कि निवेशक तत्काल वैल्यूएशन के आंकड़ों के बजाय बिक्री प्रक्रिया की स्पष्टता को अधिक महत्व दे रहे हैं, खासकर शेयर के पिछले खराब प्रदर्शन को देखते हुए।
आगे क्या हैं जोखिम?
हालिया शेयर उछाल के बावजूद, IDBI Bank के लिए महत्वपूर्ण जोखिम बने हुए हैं। एक मुख्य चिंता सरकार की उम्मीदों और प्राप्त बिड्स के बीच के अंतर को लेकर है। इससे यह संकेत मिलता है कि बिक्री योजना से कम वैल्यूएशन पर हो सकती है या रिवाइज्ड बिड्स के भी कम रहने पर लंबी बातचीत का सामना करना पड़ सकता है। पिछले साल बैंकिंग इंडेक्स के मुकाबले शेयर का लगातार खराब प्रदर्शन सरकारी स्वामित्व से परे संभावित मुद्दों की ओर इशारा करता है, जो शायद क्षमता या प्रतिस्पर्धात्मकता से संबंधित हों।
आउटलुक विनिवेश की प्रगति पर निर्भर
IDBI Bank के शेयर का प्रदर्शन निकट भविष्य में काफी हद तक विनिवेश प्रक्रिया के आगे बढ़ने पर निर्भर करेगा। निवेशक रिवाइज्ड बिड आमंत्रण, खरीदारों के साथ बातचीत और सरकार की वैल्यूएशन रणनीति पर बारीकी से नजर रखेंगे। हालांकि सरकार की पुष्टि ने शेयर को अल्पकालिक मजबूती दी है, लेकिन स्टेक सेल की सफलता एक सहमत वैल्यूएशन तक पहुंचने और लेनदेन को सुचारू रूप से पूरा करने पर निर्भर करती है।
