IDBI Bank ने दूसरी तिमाही के अपने प्रोविजनल नतीजे जारी कर दिए हैं। बैंक का कुल बिजनेस सालाना आधार पर **18%** बढ़कर **₹6.27 लाख करोड़** पहुंच गया है, जिसमें डिपॉजिट और लोन में हुई बढ़त का अहम योगदान रहा है।
IDBI Bank ने 30 सितंबर, 2026 को समाप्त हुई दूसरी तिमाही के लिए अपने बिजनेस आंकड़े जारी किए हैं। बैंक का कुल बिजनेस सालाना आधार पर 18% बढ़कर ₹6.27 लाख करोड़ हो गया है। यह ग्रोथ बैंक के रिटेल और कॉर्पोरेट क्रेडिट पोर्टफोलियो के विस्तार को दर्शाती है।
बैलेंस शीट में मजबूती
तिमाही के दौरान बैंक के कुल डिपॉजिट में 17% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जो ₹3.56 लाख करोड़ पर पहुंच गया है। वहीं, नेट एडवांसेज (Net Advances) 18% बढ़कर ₹2.72 लाख करोड़ हो गए हैं। इसमें सबसे खास है CASA (Current Account Savings Account) डिपॉजिट, जो 12% बढ़कर ₹1.56 लाख करोड़ रहा। बैंक के लिए CASA का बढ़ना काफी सकारात्मक है क्योंकि यह सस्ता फंड उपलब्ध कराता है, जिससे मुनाफे को बेहतर बनाने में मदद मिलती है।
हालांकि, बैंकिंग सेक्टर में अभी डिपॉजिट जुटाने को लेकर काफी प्रतिस्पर्धा है। बढ़ते कंपटीशन के कारण फंड की लागत बढ़ने से नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIMs) पर दबाव देखने को मिल सकता है। निवेशक अब इस बात पर नजर रखे हुए हैं कि क्या बैंक लोन ग्रोथ और डिपॉजिट कॉस्ट के बीच सही संतुलन बना पाएगा।
शेयरधारकों के लिए बड़े संकेत
ऑपरेशनल ग्रोथ के अलावा, बाजार में चर्चा का मुख्य विषय सरकार और LIC द्वारा बैंक के विनिवेश (Disinvestment) की प्रक्रिया है। अक्टूबर 2026 की शुरुआत में शेयर का भाव ₹86 के आसपास चल रहा है। विनिवेश की टाइमलाइन और नतीजों को लेकर अनिश्चितता शेयर में उतार-चढ़ाव की मुख्य वजह बनी हुई है।
अब निवेशकों की नजर बैंक के विस्तृत तिमाही नतीजों पर है। आने वाली रिपोर्ट में यह साफ होगा कि क्या यह बिजनेस वॉल्यूम वाकई मुनाफे में बदल रहा है और बैंक एसेट क्वालिटी यानी ग्रॉस NPA को किस तरह मैनेज कर रहा है।
