ICICI Prudential के PMS और AIF डिविजन ने जबरदस्त रफ्तार पकड़ी है। कंपनी का AUM सालाना आधार पर **21%** बढ़कर **₹80,965 करोड़** हो गया है। इसके साथ ही, कंपनी ने अपनी इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजी में बड़ा बदलाव किया है।
मैन्युफैक्चरिंग पर बड़ा दांव
कंपनी के चीफ इन्वेस्टमेंट ऑफिसर आनंद शाह ने मेटल, टेक्सटाइल और केमिकल जैसे मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर्स को निवेश के लिए मुख्य केंद्र माना है। यह फैसला 'इंपोर्ट सब्स्टीट्यूशन' और रुपये में गिरावट के चलते लिया गया है। डॉलर के मुकाबले कमजोर रुपया भारतीय एक्सपोर्ट के लिए फायदेमंद साबित हो रहा है, जो मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों के लिए एक बड़ा 'टेलविंड' है। इसके उलट, कंपनी फिलहाल कंजम्पशन सेक्टर को लेकर सतर्क है, क्योंकि बढ़ती महंगाई आम लोगों के बजट पर दबाव डाल रही है, जिससे मांग में कमी देखी जा रही है।
IT और ऑटो सेक्टर का आउटलुक
IT सेक्टर में कंपनी अब चुनिंदा निवेश कर रही है। पहले वैल्यूएशन के कारण इस सेक्टर से दूरी बनाने के बाद, अब स्टॉक की कीमतों में करेक्शन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के असर को देखते हुए बेहतर एंट्री पॉइंट्स नजर आ रहे हैं। वहीं, ऑटो सेक्टर में इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EVs) के बदलाव पर कंपनी ने सतर्क रुख अपनाया है। उनका मानना है कि यह बदलाव मुनाफे के लिए नहीं, बल्कि रेगुलेशन के कारण जीवित रहने की मजबूरी है।
इन्वेस्टमेंट फिलॉसफी
ICICI Prudential की स्ट्रैटेजी साफ है—कंपनी अच्छी मैनेजमेंट वाली और प्रॉफिट बनाने वाली कंपनियों पर भरोसा कर रही है। वे स्पेकुलेटिव IPO और ऐसी कंपनियों से दूर रह रहे हैं जो कैश जेनरेट करने में सक्षम नहीं हैं।
