निवेशकों से सीधा संवाद
जापान में यह महत्वपूर्ण मुलाकात ICICI Prudential Life के लिए अपने ग्लोबल निवेशक बेस को बढ़ाने और अलग-अलग दृष्टिकोणों को समझने का एक बड़ा अवसर है। कंपनी मैनेजमेंट इस मंच का उपयोग अपनी स्ट्रैटेजिक प्लानिंग, हालिया फाइनेंशियल परफॉरमेंस और भविष्य की योजनाओं को अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के सामने रखने के लिए करेगी।
दमदार तिमाही नतीजे
हाल ही में कंपनी ने फाइनेंशियल ईयर 2026 की तीसरी तिमाही के लिए ₹390 करोड़ का नेट प्रॉफिट (PAT) दर्ज किया है, जो पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 19.6% की ग्रोथ दिखाता है। वहीं, न्यू बिज़नेस वैल्यू (VNB) में भी 19% की बढ़त के साथ यह ₹615 करोड़ रहा। फरवरी 2026 के बिज़नस अपडेट्स भी मजबूत मोमेंटम दिखा रहे थे, जिसमें New Business Sum Assured 31.5% और New Business Premium 15.7% बढ़ा था।
कंपनी का सफर और लिस्टिंग
ICICI Pru Life, ICICI Bank और Prudential plc का एक जॉइंट वेंचर है और भारत की लीडिंग प्राइवेट लाइफ इंश्योरेंस कंपनियों में से एक है। यह भारत की पहली लाइफ इंश्योरेंस कंपनी थी जो 2016 में डोमेस्टिक स्टॉक एक्सचेंजों पर लिस्ट हुई थी। कंपनी पहले भी सिंगापुर में फरवरी 2026 में ऐसी ही निवेशक आउटरीच कर चुकी है।
टैक्स विवादों पर क्या है कंपनी का रुख?
बिज़नस ग्रोथ के साथ-साथ, ICICI Prudential Life Insurance कुछ बड़े टैक्स विवादों का भी सामना कर रही है। इनमें ₹984 करोड़ का इनपुट टैक्स क्रेडिट रिवर्सल से जुड़ा एक बड़ा डिमांड नोटिस शामिल है, जिस पर फरवरी 2026 में एक अपीलेट ऑर्डर मिला था। इसके अलावा, फाइनेंशियल ईयर 2021-22 के लिए ₹18.82 करोड़ का एक पुराना जीएसटी (GST) डिमांड भी पेंडिंग है। कंपनी का कहना है कि वह इन डिमांड्स के खिलाफ अपील करती रहेगी।
निवेशकों की नज़र कहाँ?
जापान की इस मीटिंग के बाद, निवेशकों की मुख्य नज़र कंपनी द्वारा ₹1,000 करोड़ से अधिक के टैक्स लायबिलिटीज़ को मैनेज करने की स्ट्रैटेजी पर रहेगी। साथ ही, वे कंपनी की ग्रोथ की रफ्तार और भारतीय लाइफ इंश्योरेंस मार्केट में उसकी कॉम्पिटिटिव पोजीशनिंग का भी आकलन करेंगे। इस मार्केट में LIC, SBI Life, Max Financial Services और HDFC Life Insurance जैसी बड़ी कंपनियां शामिल हैं, जिनमें HDFC Life ने दिसंबर 2025 तक नौ महीनों में 11% APE ग्रोथ दर्ज की है।