ICICI Prudential Asset Management ने सितंबर तिमाही के नतीजे जारी किए हैं, जिसमें कंपनी का नेट प्रॉफिट **6%** बढ़कर **₹888.96 करोड़** रहा। ऑपरेशनल रेवेन्यू में **16%** का उछाल दिखा है, लेकिन निवेशकों द्वारा पैसा निकालने (Redemption) के दबाव ने शेयरों को **2%** नीचे गिरा दिया है।
ICICI Prudential Asset Management Company ने सितंबर 2026 की तिमाही के जो नतीजे पेश किए हैं, वे मिली-जुली तस्वीर दिखा रहे हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 6.08% बढ़कर ₹888.96 करोड़ रहा, जबकि ऑपरेशनल रेवेन्यू 16.31% उछलकर ₹1,673.79 करोड़ पर पहुंच गया। नतीजों के साथ बोर्ड ने ₹30 प्रति शेयर के अंतरिम डिविडेंड का भी ऐलान किया है, जिसके लिए रिकॉर्ड डेट 21 अक्टूबर 2026 तय की गई है।
रिडेम्पशन का दबाव और मुनाफा
कंपनी के लिए सबसे बड़ी चुनौती निवेशकों द्वारा पैसा निकालना (Redemption) है। भले ही इंडस्ट्री की बिक्री स्थिर है, लेकिन कंपनी को निवेशकों की ओर से हो रही निकासी के कारण नेट इनफ्लो पर दबाव महसूस हो रहा है। इसके साथ ही ऑपरेटिंग खर्चों में 17.9% की सालाना बढ़ोतरी ने मुनाफे की रफ्तार को सुस्त कर दिया है। 'अदर इनकम' (ट्रेजरी और निवेश) में अस्थिरता के कारण नेट प्रॉफिट पर असर पड़ा है, जिससे साफ है कि कंपनी का बॉटम लाइन अभी भी अपने खुद के निवेश पर निर्भर है।
निवेशक सेंटीमेंट और आगे क्या?
मार्केट का रुझान फिलहाल मिड और स्मॉल-कैप फंड्स की ओर है, लेकिन सिस्टेमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) में कमी चिंता का विषय है। सितंबर में यह घटकर ₹46.72 बिलियन रह गया, जो जून में ₹48.72 बिलियन था। 12 अक्टूबर को कंपनी का शेयर 2.01% गिरकर ₹2,969.40 पर बंद हुआ। निवेशकों के लिए अब सबसे महत्वपूर्ण यह देखना होगा कि क्या यह रिडेम्पशन का दौर अस्थायी है या निवेशक अपनी रणनीति में बड़ा बदलाव कर रहे हैं।
