ICICI Prudential Asset Management Company को भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) से चार प्राइवेट सेक्टर बैंकों में **9.95%** तक की हिस्सेदारी खरीदने की मंजूरी मिल गई है। कंपनी को यह निवेश पूरा करने के लिए **1 साल** का समय दिया गया है।
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने ICICI Prudential Asset Management Company (AMC) को चार प्राइवेट लेंडर्स में 9.95% तक की हिस्सेदारी हासिल करने की औपचारिक अनुमति दे दी है। इस लिस्ट में Kotak Mahindra Bank, CSB Bank, DCB Bank और AU Small Finance Bank शामिल हैं।
9.95% लिमिट का गणित
बैंकिंग रेगुलेशन के मुताबिक, अगर कोई संस्था 10% या उससे ज्यादा की हिस्सेदारी खरीदती है, तो उसे 'प्रमोटर' के तौर पर देखा जाता है और उस पर कड़ी निगरानी रखी जाती है। 9.95% की यह कैप इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे AMC एक बड़े निवेशक के रूप में अपनी स्थिति मजबूत रख सकेगी, लेकिन वह 'प्रमोटर' या 'कंट्रोलिंग शेयरहोल्डर' की जटिल जवाबदेही से बची रहेगी।
क्या यह अनिवार्य खरीद है?
यह समझना जरूरी है कि यह मंजूरी कोई आदेश नहीं है, बल्कि एक सुविधा है। AMC अपनी निवेश रणनीति के आधार पर इन बैंकों में अपनी होल्डिंग को 9.95% तक ले जा सकती है। हालांकि, RBI ने इसके लिए एक सख्त समय सीमा तय की है। AMC को अगले 12 महीनों के भीतर यह निवेश प्रक्रिया पूरी करनी होगी, वरना यह अप्रूवल अपने आप लैप्स हो जाएगा।
निवेशकों के लिए फिलहाल यह एक 'इनेबलिंग प्रोविजन' है, यानी कंपनी अपनी सुविधानुसार खरीदारी करेगी। बाजार के जानकारों का कहना है कि अब यह देखना दिलचस्प होगा कि AMC इन बैंकों में धीरे-धीरे अपनी पोजीशन कैसे बनाती है, जिसका सीधा असर इन शेयरों की लिक्विडिटी और ट्रेडिंग वॉल्यूम पर पड़ सकता है।
