ICICI Prudential AMC ने अपने ₹809.65 अरब के ऑल्टर्नटिव AUM पर स्पष्टीकरण दिया है। कंपनी के मुताबिक इसमें केवल निवेश की गई पूंजी शामिल है। हालांकि, सितंबर तिमाही में मुनाफा **6.1%** बढ़ने के बावजूद शेयर **2.01%** गिरकर ₹2,969.40 पर बंद हुआ है।
ICICI Prudential Asset Management Company (AMC) ने अपने ऑल्टर्नटिव इन्वेस्टमेंट एसेट्स को रिपोर्ट करने के तरीके पर नई स्पष्टता दी है। फर्म ने बताया कि उनका ₹809.65 अरब का ऑल्टर्नटिव एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) केवल उस पूंजी को दर्शाता है जो निवेशकों से 'ड्रॉ' की गई है और उसे प्राइवेट क्रेडिट या रियल एस्टेट में निवेश किया गया है। यह अंतर निवेशकों के लिए अहम है क्योंकि कंपनी के आंकड़े केवल वास्तविक निवेश को दिखाते हैं, न कि कमिटेड लेकिन अनइन्वेस्टेड पूंजी को।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस और खर्चों का दबाव
सितंबर तिमाही के नतीजों में कंपनी का ऑपरेटिंग रेवेन्यू ₹1,673.79 करोड़ रहा, जो पिछले साल के मुकाबले 16.3% ज्यादा है। कंपनी का नेट प्रॉफिट (PAT) सालाना आधार पर 6.1% बढ़कर ₹888.96 करोड़ पहुंच गया। इसके अलावा, कंपनी ने प्रति शेयर ₹30 का अंतरिम डिविडेंड भी घोषित किया है।
बावजूद इसके, मार्केट की प्रतिक्रिया सुस्त रही। निवेशकों की चिंता की मुख्य वजह तिमाही-दर-तिमाही (Sequential) परफॉरमेंस है, जहां मुनाफा 7.8% गिर गया है। इसकी बड़ी वजह मार्क-टू-मार्केट नुकसान है जिसने 'अदर इनकम' को प्रभावित किया। साथ ही, ऑपरेटिंग खर्चों में 17.9% की बढ़ोतरी रेवेन्यू ग्रोथ (16.3%) से ज्यादा रही, जो आने वाली तिमाहियों में एक चुनौती बनी रहेगी।
ग्रोथ और स्ट्रैटेजी
अभी भी कंपनी का 89.91% रेवेन्यू ट्रेडिशनल म्यूचुअल फंड बिजनेस से ही आता है। ऑल्टर्नटिव सेगमेंट का कुल ऑपरेटिंग नेट रेवेन्यू में 8.68% का योगदान है। अब कंपनी प्राइवेट क्रेडिट और प्री-लीज़्ड ऑफिस एसेट्स पर ध्यान केंद्रित कर रही है। साथ ही, ICICI Securities से अधिग्रहित किए गए PMS बिजनेस को इंटीग्रेट करने की प्रक्रिया चल रही है, जिससे क्लाइंट बेस बढ़ने की उम्मीद है।
