नतीजों पर MTM का साया, पर कंपनी का प्रदर्शन दमदार
ICICI Prudential AMC के शेयर 4% की गिरावट के साथ कारोबार करते दिखे, भले ही कंपनी का नेट प्रॉफिट साल-दर-साल (YoY) 10.4% बढ़कर ₹763.4 करोड़ रहा। यह गिरावट मुख्य रूप से मार्क-टू-मार्केट (MTM) लॉसेस के कारण हुई, जिसने तिमाही-दर-तिमाही (Sequential) आधार पर प्रॉफिट को 17% तक कम कर दिया। दिसंबर 2025 की तिमाही में ₹917 करोड़ का प्रॉफिट था, जो मार्च 2026 की तिमाही में कम हो गया।
इसके बावजूद, कंपनी का रेवेन्यू (Revenue) 19.5% बढ़कर ₹1,517 करोड़ रहा। सबसे अहम बात यह है कि ऑपरेटिंग प्रॉफिट 30% की जोरदार छलांग लगाकर ₹1,128 करोड़ पर पहुंच गया, जो कंपनी के मजबूत कोर बिजनेस प्रदर्शन और बेहतर कॉस्ट मैनेजमेंट को दर्शाता है।
मार्केट शेयर में बढ़त और भविष्य की राह
भारतीय एसेट मैनेजमेंट इंडस्ट्री में जबरदस्त ग्रोथ की उम्मीद है, जिसके 2031 तक $5.82 ट्रिलियन तक पहुंचने का अनुमान है। इस बढ़ते बाजार में ICICI Prudential AMC ने अपनी स्थिति और मजबूत की है। कुल म्यूचुअल फंड एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) ₹11,048 बिलियन रहा, जिसमें कंपनी की 13.5% हिस्सेदारी है। एक्टिव इक्विटी AUM ₹9,206 बिलियन है, जो 13.7% मार्केट शेयर दर्शाता है। इक्विटी स्कीम्स में कंपनी का मार्केट शेयर 14.2% है। कंपनी के यूनिक कस्टमर्स की संख्या बढ़कर 1.7 करोड़ हो गई है। जून 2026 तक कंपनी के ग्लोबल ऑल-वर्ल्ड इंडेक्स (Global All-World indices) में शामिल होने की उम्मीद है, जिससे भविष्य में फंड का इनफ्लो बढ़ सकता है।
वैल्यूएशन और रेगुलेटरी चिंताएं
हालांकि, कुछ चिंताएं भी हैं। ICICI Prudential AMC का P/E रेशियो 40x से 56x के बीच है, जो UTI AMC जैसे प्रतिस्पर्धियों (19.5x-30x) से काफी ज्यादा है। यह चिंता बढ़ाता है कि ग्रोथ धीमी होने पर वैल्युएशन कितना टिकाऊ रहेगा। इसके अलावा, पैसिव इन्वेस्टमेंट्स (Passive Investments) और ETFs की ओर झुकाव, और SEBI के नए बेस एक्सपेंस रेशियो (BER) मॉडल (अप्रैल 1, 2026 से लागू) से मैनेजमेंट फी मार्जिन पर दबाव आ सकता है। कंपनी के शेयर्स में ESOPs से होने वाले डाइल्यूशन का भी असर दिख सकता है। Q4 के नतीजे विश्लेषकों की उम्मीदों से कम रहे, जिससे राजस्व और एसेट ग्रोथ पर सवाल उठ रहे हैं।
विश्लेषकों का भरोसा बरकरार
इसके बावजूद, अधिकांश ब्रोकरेज हाउस ICICI Prudential AMC के भविष्य को लेकर पॉजिटिव हैं। CLSA, Citi, HSBC, और UBS जैसी फर्मों ने 'Buy' या 'Outperform' रेटिंग बरकरार रखी है और टारगेट प्राइस ₹3,730 से ₹3,900 तक बढ़ाया है। Motilal Oswal ने भी ₹3,850 के टारगेट के साथ 'Buy' रेटिंग दी है। वे FY26-FY28E के बीच AUM, रेवेन्यू और PAT में क्रमशः 17%, 15%, और 16% की CAGR ग्रोथ का अनुमान लगा रहे हैं। 15 विश्लेषकों का 'Strong Buy' कंसेंसस बना हुआ है।