ICICI Lombard General Insurance ने दूसरी तिमाही में **15.5%** की बढ़त के साथ **₹946.4 करोड़** का मुनाफा दर्ज किया है। प्रीमियम में तो अच्छी बढ़ोतरी हुई है, लेकिन कंपनी के अंडरराइटिंग नुकसान और **107%** के कंबाइंड रेशियो ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है।
मुनाफे के पीछे का सच
कंपनी ने शानदार टॉप-लाइन ग्रोथ दिखाई है। नेट प्रीमियम अर्न 17.7% बढ़कर ₹6,651.87 करोड़ पर पहुंच गया है। मोटर सेगमेंट में कंपनी का मार्केट शेयर 10.3% पर बना हुआ है, जो इसके बिजनेस की मजबूती को दर्शाता है।
मार्जिन पर दबाव
नतीजों के अंदरूनी हिस्से पर नजर डालें तो तस्वीर कुछ अलग है। कंबाइंड रेशियो, जो कंपनी की एफिशिएंसी को मापने का पैमाना है, पिछले साल के 105.1% से खराब होकर 107% पर आ गया है। कंबाइंड रेशियो का 100% से ऊपर होना इस बात का संकेत है कि कंपनी प्रीमियम से होने वाली कमाई से ज्यादा पैसा क्लेम और अन्य खर्चों में गंवा रही है।
अंडरराइटिंग लॉस भी काफी बढ़कर ₹318.38 करोड़ हो गया है, जबकि पिछले साल यह ₹178 करोड़ था। इसके अलावा, मैनेजमेंट एक्सपेंस रेशियो भी 31.9% से बढ़कर 36.3% पहुंच गया है।
निवेशकों के लिए क्या है खास?
इतने दबाव के बावजूद कंपनी की सॉल्वेंसी रेशियो 2.75x बनी हुई है, जो लंबी अवधि के क्लेम निपटाने की क्षमता को सुरक्षित रखती है। राहत की खबर यह है कि बोर्ड ने प्रति शेयर ₹7 का इंटरिम डिविडेंड घोषित किया है। बाजार में कंपनी का शेयर 1.25% की तेजी के साथ ₹1,713 पर बंद हुआ। भविष्य में मैनेजमेंट कैसे अपने एक्सपेंस रेशियो को काबू में लाता है, इस पर निवेशकों की नजर टिकी रहेगी।
