ICICI Lombard ने फाइनेंशियल ईयर 2027 की दूसरी तिमाही में **13.9%** की ग्रोथ दर्ज की है, जो इंडस्ट्री के **13.2%** के औसत से कहीं ज्यादा है। कंपनी का कंबाइंड रेशियो **103.9%** रहा, जो कठिन रेगुलेटरी माहौल में भी कंपनी की अनुशासन और बेहतर अंडरराइटिंग क्षमता को दिखाता है।
बाजार की उम्मीदों से बेहतर प्रदर्शन
ICICI Lombard General Insurance ने चालू फाइनेंशियल ईयर की दूसरी तिमाही में बेहतरीन रफ्तार दिखाई है। कंपनी की 13.9% की यह ग्रोथ वॉलटाइल क्रॉप इंश्योरेंस सेगमेंट को हटाकर कैलकुलेट की गई है, जिससे यह साफ होता है कि कंपनी का कोर बिजनेस कितना मजबूत है। मैनेजमेंट का साफ कहना है कि उनका लक्ष्य सिर्फ मार्केट शेयर जीतना नहीं, बल्कि मुनाफे वाले रिस्क को चुनना है। कंपनी का मुख्य फोकस शेयरधारकों के लिए 18% से 20% के बीच रिटर्न ऑन कैपिटल (ROC) बनाए रखने पर है।
ऑपरेशन्स में अनुशासन
कंपनी का कंबाइंड रेशियो 103.9% पर स्थिर रहा है। इंश्योरेंस बिजनेस में यह रेशियो यह बताता है कि कंपनी अपने प्रीमियम के मुकाबले दावों और ऑपरेशन्स पर कितना खर्च कर रही है। जहां इस सेक्टर में कई बड़ी कंपनियां अस्थिरता का सामना कर रही हैं, वहीं ICICI Lombard ने अपने खर्चों पर बेहतर नियंत्रण रखा है।
रेगुलेटरी और मार्केट की चुनौतियां
IRDAI (इंश्योरेंस रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी ऑफ इंडिया) के 'Expenses of Management' के सख्त नियमों का पालन करना इस वक्त सेक्टर के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है। मार्केट में लगभग 35 में से 13 कंपनियां इन नियमों के दायरे में आने के लिए संघर्ष कर रही हैं, जबकि ICICI Lombard इन तय सीमाओं के भीतर काफी मजबूती से काम कर रही है।
आगे देखते हुए, कंपनी का मानना है कि इंश्योरेंस डिस्ट्रीब्यूशन में बदलाव आने वाला है। जल्द ही मार्केट 'पुश-बेस्ड' (एजेंट्स के जरिए पॉलिसी बिकना) से 'पुल-बेस्ड' मॉडल की ओर बढ़ेगा, जहां ग्राहक खुद डिमांड करेंगे। री-इंश्योरेंस कंपनियों की बढ़ती सख्ती और बेहतर अंडरराइटिंग की मांग को देखते हुए, आने वाले समय में प्राइसिंग मॉडल्स में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
