ICICI Bank Q4 Results: निवेशकों की बल्ले-बल्ले! शानदार **8.5%** बढ़ा मुनाफा, शेयर ₹13,702 करोड़ पार

BANKINGFINANCE
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AuthorAditya Rao|Published at:
ICICI Bank Q4 Results: निवेशकों की बल्ले-बल्ले! शानदार **8.5%** बढ़ा मुनाफा, शेयर ₹13,702 करोड़ पार
Overview

ICICI Bank के निवेशकों के लिए अच्छी खबर है! बैंक ने चौथी तिमाही (Q4 FY26) में **8.5%** की शानदार ग्रोथ के साथ **₹13,702 करोड़** का नेट प्रॉफिट (Net Profit) दर्ज किया है।

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तिमाही नतीजों में दमदार प्रदर्शन

ICICI Bank ने फाइनेंशियल ईयर 2026 की चौथी तिमाही में ₹13,702 करोड़ का स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट (Standalone Net Profit) कमाया है। यह पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 8.5% की बढ़ोतरी दिखाता है। बैंक की नेट इंटरेस्ट इनकम (Net Interest Income) में भी 8.4% का इजाफा हुआ, जो ₹22,979 करोड़ पर पहुंच गई। बैंक के टोटल एडवांसेज़ (Total Advances) में 15.8% की मजबूत ग्रोथ देखी गई, जबकि एसेट क्वालिटी (Asset Quality) भी स्थिर बनी रही। ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट (NPA) रेश्यो 1.40% और नेट NPA रेश्यो 0.33% पर रहा। इस शानदार परफॉर्मेंस के चलते LKP रिसर्च ने 'Buy' रेटिंग के साथ टारगेट प्राइस ₹1,730 रखा है।

एनालिस्ट्स की मिली-जुली राय और वैल्यूएशन

ICICI Bank का P/E (Price-to-Earnings) रेश्यो फिलहाल 18.4x के आसपास है। यह HDFC Bank (लगभग 17-19x) और Axis Bank (लगभग 14-16x) जैसे बैंकों के मुकाबले थोड़ा प्रीमियम पर है। वहीं, सेक्टर का एवरेज P/E 12.6x रहा है। एनालिस्ट्स (Analysts) की राय इस स्टॉक पर बंटी हुई है। जहां LKP रिसर्च और प्रभुदास लीलाधर जैसी फर्म्स 'Buy' रेटिंग दे रही हैं, वहीं कुछ अन्य विश्लेषक इसे लेकर थोड़ा सतर्क हैं। GuruFocus ने इसे 'Significantly Overvalued' करार दिया है, जबकि MarketBeat 'Reduce' की सलाह दे रहा है। दूसरी तरफ, TradingView और Investing.com जैसे प्लेटफॉर्म्स पर 12 एनालिस्ट्स का 'Strong Buy' कंसेंसस (Consensus) है, जिनके टारगेट प्राइस ₹1,610 से ₹1,665 के बीच हैं।

भू-राजनीतिक तनाव और MSME सेक्टर पर असर

वेस्ट एशिया (West Asia) में जारी भू-राजनीतिक तनाव (Geopolitical Tensions) कुछ मुश्किलें पैदा कर सकता है। रेटिंग एजेंसी CRISIL का मानना है कि बैंकिंग सेक्टर की एसेट क्वालिटी पर इसका सीधा असर कम होगा। हालांकि, माइक्रो, स्मॉल और मीडियम एंटरप्राइज (MSME) सेक्टर में थोड़ा स्ट्रेस (Stress) बढ़ सकता है। इसके चलते भारतीय बैंकों, जिनमें ICICI Bank भी शामिल है, के MSME NPA में मामूली बढ़ोतरी की आशंका है। बैंक ने स्वीकार किया है कि इस संकट का असर तिमाही नतीजों में यील्ड (Yields) और करेंसी (Currency) पर दिखा है। इसके बावजूद, भारतीय अर्थव्यवस्था में मजबूत GDP ग्रोथ की उम्मीद है और बैंकिंग सेक्टर को स्थिर माना जा रहा है।

जोखिम और भविष्य की राह

अच्छे नतीजों और ब्रोकरेज हाउसेज की अपग्रेड्स के बावजूद, कुछ चिंताएं बनी हुई हैं। GuruFocus की 'Significantly Overvalued' रेटिंग बताती है कि मौजूदा स्टॉक प्राइस में छिपे जोखिम शामिल नहीं हैं। एनालिस्ट्स की अलग-अलग राय भी भविष्य को लेकर अनिश्चितता दर्शाती है। FY28E तक 2.3% के RoA (Return on Assets) और 16.1% के RoE (Return on Equity) का अनुमान काफी आशावादी है और यह मौजूदा आर्थिक माहौल और प्रतिस्पर्धा पर निर्भर करेगा। वेस्ट एशिया का संकट MSME पोर्टफोलियो के लिए एक बड़ा जोखिम है, जो बैंक के क्रेडिट का एक अहम हिस्सा है। लंबी अवधि तक यह संकट NPAs को बढ़ा सकता है। EY के मुताबिक, सप्लाई चेन में रुकावटों और बढ़ती इनपुट कॉस्ट से मार्जिन पर दबाव आ सकता है। पिछले साल बैंक के EPS ग्रोथ 7.6% रही, जो उसके 5 साल के औसत 22.7% से काफी कम है।

भविष्य का दृष्टिकोण

ICICI Bank का फोकस रिटेल, रूरल और बिज़नेस बैंकिंग पर बना हुआ है, जिससे लोन ग्रोथ जारी रहने की उम्मीद है। एनालिस्ट्स को मार्जिन स्थिर रहने का अनुमान है। बैंक की मजबूत कैपिटल और लिक्विडिटी (Liquidity) आगे विस्तार के लिए एक ठोस आधार प्रदान करती हैं। LKP रिसर्च का ₹1,730 का टारगेट प्राइस अच्छी अपसाइड पोटेंशियल (Upside Potential) दिखाता है, लेकिन इन चिंताओं को नज़रअंदाज नहीं किया जा सकता।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.