HDFC Bank बनाम ICICI Bank: बैंकिंग सेक्टर में बड़ा बदलाव, वैल्युएशन का अंतर एक दशक के निचले स्तर पर

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AuthorMehul Desai|Published at:
HDFC Bank बनाम ICICI Bank: बैंकिंग सेक्टर में बड़ा बदलाव, वैल्युएशन का अंतर एक दशक के निचले स्तर पर

देश के दो दिग्गज प्राइवेट बैंकों, HDFC Bank और ICICI Bank के बीच मार्केट कैप का अंतर अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है। मैनेजमेंट में बदलाव और गिरते मुनाफे के बीच HDFC Bank की वैल्यू कम हुई है, जबकि ICICI Bank का प्रदर्शन लगातार बेहतर बना हुआ है।

भारत के बैंकिंग सेक्टर में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। 31 अगस्त, 2026 तक के आंकड़ों के मुताबिक, HDFC Bank और ICICI Bank के बीच मार्केट वैल्युएशन का फासला ऐतिहासिक रूप से सिमट गया है। HDFC Bank का मार्केट कैप फिलहाल लगभग ₹13.28 लाख करोड़ है, जबकि ICICI Bank तेजी से पीछे करते हुए ₹10.23 लाख करोड़ के आंकड़े पर पहुंच गया है।

क्यों दबाव में है HDFC Bank?

साल 2026 की शुरुआत से ही HDFC Bank के शेयर दबाव में हैं। कैलेंडर ईयर में अब तक इसके शेयरों में 27% तक की गिरावट आई है। इसके पीछे मुख्य कारण बैंक के सामने आ रही लीडरशिप चुनौतियां और गवर्नेंस से जुड़ी चिंताएं हैं। मार्च में चेयरमैन अतनु चक्रवर्ती का इस्तीफा हो या अब एमडी और सीईओ शशिधर जगदीशन का 26 अक्टूबर, 2026 को रिटायर होने का फैसला, इन घटनाओं ने निवेशकों के सेंटीमेंट को प्रभावित किया है। बैंक का बोर्ड फिलहाल नए उत्तराधिकारी की तलाश में जुटा है।

मुनाफे की रेस में कौन आगे?

वित्तीय नतीजों की बात करें, तो फिस्कल ईयर 2027 की पहली तिमाही में ICICI Bank ने ₹14,804.5 करोड़ का नेट प्रॉफिट कमाया, जिसमें सालाना आधार पर 16% की ग्रोथ दिखी। वहीं, HDFC Bank का नेट प्रॉफिट ₹19,060 करोड़ रहा, लेकिन इसकी ग्रोथ महज 5% रही। यह मुनाफे की धीमी रफ्तार मार्केट के लिए चिंता का विषय बनी हुई है।

अब निवेशकों की नजर इस बात पर है कि HDFC Bank अपने बड़े मर्जर के बाद नेट इंटरेस्ट मार्जिन और डिपॉजिट-टू-लोन रेशियो को कैसे मैनेज करता है और नई लीडरशिप के साथ बैंक का भविष्य क्या होगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.