नतीजों की गहराई से पड़ताल
यह शानदार नतीजा कैसे आया? बैंक की नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) में 4.8% का इजाफा हुआ और यह ₹22,979 करोड़ पर पहुंच गई। हालांकि, नॉन-इंटरेस्ट इनकम (Non-interest income) में 1.5% की मामूली गिरावट आई। ओवरऑल, कोर ऑपरेटिंग इनकम (Core operating income) 3.2% बढ़कर ₹30,394 करोड़ रही। इसी के चलते, प्रॉफिट बिफोर टैक्स (PBT) में 22.3% की ज़बरदस्त उछाल आई और यह ₹18,103 करोड़ रहा, जिसने आखिर में नेट प्रॉफिट (PAT) को 21.1% बढ़ाकर ₹13,702 करोड़ कर दिया। अगर साल-दर-साल (Year-on-Year) की बात करें, तो NII 8.4% बढ़कर ₹22,979 करोड़ रही, जबकि PAT में 8.5% की वृद्धि के साथ यह ₹13,702 करोड़ दर्ज हुआ। हालांकि, ऑपरेटिंग एक्सपेंसेस (Operating expenses) में 12.0% की बढ़ोतरी देखी गई।
पूरे साल का प्रदर्शन और बैलेंस शीट
पूरे फाइनेंशियल ईयर (FY26) की बात करें तो, ICICI Bank की NII 8.5% बढ़कर ₹88,075 करोड़ रही, और नेट प्रॉफिट (PAT) में 6.2% की बढ़ोतरी हुई, जो ₹50,147 करोड़ रहा। बैंक के टोटल एडवांसेज (Total advances) 15.8% बढ़कर ₹15,53,893 करोड़ हो गए, और टोटल डिपॉजिट्स (Total deposits) 11.4% बढ़कर ₹17,94,625 करोड़ दर्ज किए गए। बैंक का CASA रेशियो (CASA ratio) लगभग 41.4% पर स्थिर रहा। साथ ही, बैंक का नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) 4.32% और कॉमन इक्विटी टियर 1 (CET1) रेशियो 16.35% पर मजबूत बना हुआ है।
एसेट क्वालिटी में सुधार
सबसे अच्छी बात यह है कि बैंक की एसेट क्वालिटी (Asset Quality) में लगातार सुधार देखा जा रहा है। ग्रॉस एनपीए (Gross NPA) रेशियो घटकर 1.40% पर आ गया है, जो पिछले साल 1.67% था। वहीं, नेट एनपीए (Net NPA) रेशियो भी कम होकर 0.33% पर पहुंच गया है, जबकि पिछले साल यह 0.39% था। बैंक का प्रोविजन कवरेज रेशियो (Provision coverage ratio) 75.8% तक सुधर गया है, जो बैंक के मजबूत रिस्क मैनेजमेंट (Risk Management) को दर्शाता है।
