ICICI Bank ने पहली तिमाही (Q1) के लिए शानदार नतीजे पेश किए हैं। बैंक का नेट प्रॉफिट **14%** बढ़कर **₹15,440 करोड़** रहा, जो निवेशकों के लिए बड़ी खुशखबरी है।
ICICI Bank के तिमाही नतीजे
ICICI Bank ने 30 जून, 2026 को समाप्त हुई पहली तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 13.88% बढ़कर ₹15,440 करोड़ रहा, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह ₹13,558 करोड़ था। बैंक की इस परफॉरमेंस ने बाजार को प्रभावित किया है, जो बैलेंस शीट ग्रोथ और क्रेडिट स्टैंडर्ड्स को बनाए रखने पर फोकस कर रहा है।
ब्याज आय और डिपॉजिट में बढ़त
बैंक की ब्याज आय, जो लोन से अर्जित ब्याज और डिपॉजिट पर दिए जाने वाले ब्याज का अंतर है, 12.7% बढ़कर ₹24,384 करोड़ हो गई। वहीं, एडवांसेज़ (Advances) में भी लगभग 20% की वृद्धि देखी गई। कुल डिपॉजिट 14% बढ़कर ₹18,33,586 करोड़ तक पहुंच गए। बैंक का नेट इंटरेस्ट मार्जिन (Net Interest Margin) 4.36% रहा, जो दर्शाता है कि बैंक अपनी उधारी लागत की तुलना में लोन दरों को प्रभावी ढंग से प्रबंधित कर रहा है।
एसेट क्वालिटी में सुधार
ICICI Bank के ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (NPA) रेशियो में गिरावट आई है, जो पिछले साल के 1.67% से घटकर 1.38% हो गया है। नेट NPA रेशियो 0.35% पर रहा। बैंक ने तिमाही प्रोविजन्स (Provisions) को भी घटाकर ₹1,260 करोड़ कर दिया है, जो पिछले साल की समान अवधि के ₹1,815 करोड़ से कम है। यह संकेत देता है कि पोर्टफोलियो में क्रेडिट एनवायरनमेंट स्थिर हो रहा है।
कैपिटल पोजिशन और भविष्य की रणनीति
लगातार ग्रोथ को सपोर्ट करने के लिए, बैंक ने अपनी कैपिटल बेस को मजबूत बनाए रखा है। 30 जून, 2026 तक, स्टैंडअलोन कैपिटल एडिक्वेसी रेशियो (Capital Adequacy Ratio) 16.84% था, जिसमें कॉमन इक्विटी टियर 1 (Common Equity Tier 1) रेशियो 16.19% था। इसके अलावा, ट्रेजरी एक्टिविटीज़ को छोड़कर, अन्य आय 16% बढ़कर ₹8,425 करोड़ हो गई, जो बताता है कि कोर बैंकिंग ऑपरेशन्स प्रॉफिट में अहम भूमिका निभा रहे हैं।
आगे चलकर, निवेशक यह देखेंगे कि क्या बैंक प्रतिस्पर्धी ब्याज दर के माहौल में डिपॉजिट ग्रोथ की गति बनाए रख सकता है और एडवांसेज़ बढ़ाने के साथ-साथ अपने लोन बुक की क्वालिटी का प्रबंधन कैसे करता है। मार्जिन और क्रेडिट कॉस्ट बनाए रखने की बैंक की क्षमता भविष्य के प्रदर्शन के लिए महत्वपूर्ण होगी।
