ICICI Bank: निवेशकों की बल्ले-बल्ले! Q1 में 16% बढ़ा मुनाफा, ₹14,805 करोड़ के पार

BANKINGFINANCE
Whalesbook Logo
AuthorAditya Rao|Published at:
ICICI Bank: निवेशकों की बल्ले-बल्ले! Q1 में 16% बढ़ा मुनाफा, ₹14,805 करोड़ के पार

ICICI Bank ने नए फाइनेंशियल ईयर की शानदार शुरुआत की है। बैंक ने पहली तिमाही (Q1 FY27) में **16%** की जबरदस्त ग्रोथ के साथ **₹14,805 करोड़** का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है। यह शानदार नतीजा मजबूत लोन डिमांड और बेहतर इंटरेस्ट मार्जिन की वजह से आया है।

लोन ग्रोथ और मार्जिन में तेजी

ICICI Bank के लिए यह तिमाही बेहद खास रही। 30 जून, 2026 को खत्म हुई तिमाही में, बैंक का नेट प्रॉफिट पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 16% बढ़कर ₹14,805 करोड़ हो गया। इस ग्रोथ में बैंक के लोन पोर्टफोलियो का बड़ा हाथ रहा, जिसमें 20% की सालाना बढ़ोतरी देखी गई।

खासकर, बिजनेस बैंकिंग और रूरल सेगमेंट में शानदार परफॉर्मेंस देखने को मिली, जहां ग्रोथ क्रमशः 28% और 35% रही। जहाँ कई दूसरे बैंक इंटरेस्ट मार्जिन (कमाए गए ब्याज और दिए गए ब्याज का अंतर) पर दबाव झेल रहे हैं, वहीं ICICI Bank ने इस पर भी अच्छी पकड़ बनाए रखी। बैंक का डोमेस्टिक नेट इंटरेस्ट मार्जिन 4.45% रहा, जो पिछली तिमाही से 4 बेसिस पॉइंट्स ज्यादा है।

डिपॉजिट्स पर खास फोकस

लोन एक्टिविटीज को और बढ़ाने के लिए, बैंक फॉरेन करेंसी नॉन-रेजिडेंट (FCNR) डिपॉजिट्स पर खास ध्यान दे रहा है। मैनेजमेंट का मानना है कि ये डिपॉजिट्स लागत-प्रभावी फंडिंग का एक अहम जरिया बन सकते हैं। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब बैंकिंग सेक्टर में ओवरऑल डिपॉजिट ग्रोथ एक चुनौती बनी हुई है।

एसेट क्वालिटी और प्रोविजन्स

इस तिमाही में एसेट क्वालिटी भी स्थिर रही। लोन में डिफॉल्ट (Slippages) कम हुए और रिकवरी अच्छी रही। इसी का नतीजा है कि बैंक ने प्रोविजन्स में पिछले साल के मुकाबले 31% की कटौती की। क्रेडिट कॉस्ट 32 बेसिस पॉइंट्स पर कंट्रोल में रही, जिससे बैंक की बैलेंस शीट की मजबूती बनी हुई है। बैंक के पास ₹13,100 करोड़ के कंटिंजेंट प्रोविजन्स हैं, जो भविष्य में किसी भी अनिश्चितता या स्ट्रेस से निपटने में मददगार होंगे।

निवेशकों की नजर

लगभग 1.9 गुना के वैल्यूएशन पर ट्रेड कर रहे इस स्टॉक पर निवेशक रिटर्न रेशियो के आधार पर नजर बनाए हुए हैं। इस तिमाही बैंक का रिटर्न ऑन एसेट्स (RoA) 2.49% रहा। हालांकि, बैंक की ऑपरेशनल एफिशिएंसी लगातार अच्छी रही है, पर निवेशकों के लिए यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि बैंक आक्रामक लोन ग्रोथ को डिपॉजिट्स की धीमी गति के साथ कैसे संतुलित करता है। कम लागत वाले फंड्स को जुटाने की बैंक की क्षमता आने वाली तिमाहियों में मार्जिन प्रोफाइल को बनाए रखने में अहम भूमिका निभाएगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.