ICICI Bank: संदीप बख्शी का बड़ा फेरबदल! RBI ने बढ़ाई CEO की कुर्सी, अब 2028 तक संभालेंगे कमान

BANKINGFINANCE
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AuthorAditya Rao|Published at:
ICICI Bank: संदीप बख्शी का बड़ा फेरबदल! RBI ने बढ़ाई CEO की कुर्सी, अब 2028 तक संभालेंगे कमान
Overview

ICICI Bank के निवेशकों के लिए बड़ी खबर है। देश के केंद्रीय बैंक, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बैंक के मैनेजिंग डायरेक्टर (MD) और CEO संदीप बख्शी के कार्यकाल को अक्टूबर 2028 तक बढ़ा दिया है। यह फैसला बैंक की मजबूत प्रॉफिटेबिलिटी और सुधरती एसेट क्वालिटी को दर्शाता है, जिससे मैनेजमेंट में स्थिरता बनी रहेगी।

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RBI का बड़ा फैसला, बख्शी का कार्यकाल बढ़ा

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने ICICI Bank के मैनेजिंग डायरेक्टर (MD) और चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (CEO) संदीप बख्शी को एक बार फिर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है। RBI ने उनके कार्यकाल को अगले दो साल के लिए, यानी 4 अक्टूबर 2026 से 3 अक्टूबर 2028 तक बढ़ाने की मंजूरी दे दी है। यह फैसला बैंक के बोर्ड की जनवरी में हुई सर्वसम्मति से हुई सिफारिश और नियामकीय भरोसा दिखाता है। हालांकि, शेयरधारकों की मंजूरी बाद में ली जाएगी। इसी तरह का विस्तार HDFC Bank के CEO शशिधर जगदीशन को भी मिला था।

बख्शी के नेतृत्व में ICICI Bank की ग्रोथ

अक्टूबर 2018 में पदभार संभालने के बाद से, संदीप बख्शी के नेतृत्व में ICICI Bank ने रिटेल सेगमेंट में जोरदार विस्तार, एसेट क्वालिटी में सुधार और लगातार प्रॉफिट दर्ज किया है। बैंक ने डिजिटल पहलों, कार्यकुशलता और जोखिम प्रबंधन पर ध्यान केंद्रित किया है। पहली तिमाही (Q1 FY26) में, बैंक का नेट प्रॉफिट 15.5% बढ़कर ₹12,768 करोड़ हो गया, जबकि नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) 10.6% बढ़कर ₹21,635 करोड़ रही। नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) 4.34% रहा। मार्च 2026 तक ग्रॉस एनपीए (Gross NPA) सुधरकर 1.67% हो गया। अब कुल एडवांसेस में रिटेल लेंडिंग की हिस्सेदारी लगभग 54.9% है।

वैल्युएशन और मार्केट पोजीशन

22 मई 2026 तक, ICICI Bank का प्राइस-टू-अर्निंग्स (P/E) रेश्यो करीब 15.13 था, जो इसके 10 साल के औसत 21.20 और बैंकिंग इंडस्ट्री के औसत 11.13 से कम है। यह HDFC Bank के P/E (लगभग 21.7x) की तुलना में अंडरवैल्यूड (undervalued) होने का संकेत दे सकता है। 22 मई 2026 को, बैंक निफ्टी इंडेक्स 1.15% चढ़ा, जिसमें ICICI Bank टॉप गेनर्स में से एक था। बैंक का मार्केट कैपिटलाइजेशन (market capitalization) लगभग $119.3 बिलियन है।

रेगुलेटरी और गवर्नेंस फ्रेमवर्क

RBI के नियमों के अनुसार, बैंक के CEO का कार्यकाल अधिकतम 15 साल हो सकता है, या प्रमोटर-नियंत्रित बैंकों के लिए 12 साल, ताकि सत्ता का केंद्रीकरण रोका जा सके। संदीप बख्शी का कार्यकाल अक्टूबर 2018 से इन दिशानिर्देशों के भीतर है। RBI की मंजूरी इन गवर्नेंस मानकों के अनुपालन को दर्शाती है।

आगे की राह और चुनौतियाँ

बख्शी के कार्यकाल का विस्तार स्थिरता लाएगा, लेकिन अभी भी कुछ चुनौतियाँ हैं, जैसे मॉनेटरी पॉलिसी में बदलाव, ग्लोबल कैपिटल फ्लो और फिनटेक (fintech) से मुकाबला। ICICI Bank ने Q1 2026 की अर्निंग कॉल में बताया था कि डिपॉजिट री-प्राइसिंग (deposit repricing) में देरी के कारण नेट इंटरेस्ट मार्जिन पर थोड़ा दबाव आ सकता है। क्रेडिट ग्रोथ इंडस्ट्री के रुझानों के अनुरूप रहने की उम्मीद है, जिसमें रिटेल और एसएमई (SME) सेगमेंट पर फोकस रहेगा। RBI की समीक्षा के बाद प्रोविजन्स (provisions) बढ़ने के कारण Q4 2025 का प्रॉफिट अनुमान से कम रहा था, लेकिन बैंक के मुख्य ऑपरेशन्स मजबूत बने हुए हैं। भविष्य में भी एसेट क्वालिटी, डिजिटल ग्रोथ और प्रॉफिटेबल एक्सपेंशन पर जोर रहेगा।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.