फिंगरप्रिंट से होगा पेमेंट, PIN की नहीं पड़ेगी ज़रूरत!
ICICI Bank ने अपने iMobile ऐप में एक शानदार फीचर जोड़ा है, जिससे UPI ट्रांजैक्शन्स को और भी सुरक्षित और सुविधाजनक बनाया जा सकेगा। अब ग्राहक ₹5,000 तक के UPI पेमेंट्स को फिंगरप्रिंट या फेशियल रिकग्निशन (बायोमेट्रिक) के ज़रिए आसानी से ऑथेंटिकेट कर पाएंगे। इसका मतलब है कि आपको बार-बार अपना UPI PIN डालने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी, जिससे पब्लिक प्लेसेज पर PIN लीक होने का खतरा भी कम हो जाता है। हालांकि, ₹5,000 से ज़्यादा की राशि के ट्रांजैक्शन्स के लिए अब भी PIN की आवश्यकता होगी। यह नई सुविधा iMobile ऐप के लेटेस्ट वर्जन में Android और iOS दोनों प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है।
RBI के ग्रीन सिग्नल पर तेज़ कदम
यह कदम भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा डिजिटल पेमेंट्स में मल्टी-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (MFA) को मज़बूत करने की पहल के अनुरूप है। RBI ने अप्रैल 2026 से डिजिटल पेमेंट सिस्टम को ज़्यादा सुरक्षित बनाने के लिए नए नियम लागू करने की बात कही है, जिसमें बायोमेट्रिक्स जैसे एडवांस्ड सिक्योरिटी मेज़र्स पर ज़ोर दिया गया है। ICICI Bank ने इस दिशा में कदम बढ़ाकर न केवल रेगुलेटरी ज़रूरतों को पूरा किया है, बल्कि बाज़ार में अपनी बढ़त भी सुनिश्चित की है।
डिजिटल फ्रॉड पर लगाम की तैयारी
आजकल डिजिटल पेमेंट फ्रॉड के मामले तेज़ी से बढ़ रहे हैं। ऐसे में, बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन जैसे फीचर ग्राहकों को ज़्यादा सुरक्षित अनुभव प्रदान करते हैं। UPI भारत में तेज़ी से बढ़ता पेमेंट सिस्टम है, और लाखों-करोड़ों ट्रांजैक्शन्स हर महीने हो रहे हैं। इस तेज़ी के साथ सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देना बेहद ज़रूरी हो जाता है। HDFC Bank, Axis Bank, और State Bank of India जैसे अन्य बड़े बैंक भी पहले से ही बायोमेट्रिक UPI जैसी सुविधाएं दे रहे हैं, जिससे यह साफ है कि इस क्षेत्र में एक रेस लगी हुई है।
इनोवेशन का ICICI Bank का ट्रैक रिकॉर्ड
ICICI Bank का डिजिटल इनोवेशन का इतिहास काफी पुराना रहा है। बैंक ने 2008 में अपना iMobile ऐप लॉन्च किया था और तब से लगातार नई डिजिटल सर्विसेज जोड़ता रहा है। 'डिजिटल रूपी' ऐप फीचर्स की शुरुआत भी इसी कड़ी का हिस्सा है। यह लगातार टेक्नोलॉजी पर फोकस ही बैंक को आगे बढ़ाने में मदद कर रहा है, क्योंकि भारत में लगभग 75% रिटेल ट्रांजैक्शन्स डिजिटल माध्यम से हो रहे हैं।
आगे क्या?
ICICI Bank की इस तरह की डिजिटल पहलों से बैंक के भविष्य में और भी ग्रोथ की उम्मीद है। एनालिस्ट्स का मानना है कि आने वाले समय में कंपनी की अर्निंग्स पर शेयर (EPS) में भी बढ़ोतरी देखी जा सकती है। सुरक्षा को मज़बूत करने के लिए बायोमेट्रिक्स जैसी सुविधाओं को अपनाना ग्राहकों का विश्वास बनाए रखने और भारत के तेज़ी से बढ़ते डिजिटल पेमेंट मार्केट में अपनी पैठ मज़बूत करने के लिए बेहद अहम है।
