IBL Finance ने **₹50 करोड़** जुटाने के लिए अपना नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर (NCD) इश्यू लॉन्च कर दिया है। कंपनी इस पर **12.12%** सालाना यील्ड ऑफर कर रही है, जो कि रेगुलर फिक्स्ड डिपॉजिट से कहीं ज्यादा है।
इश्यू की पूरी जानकारी
IBL Finance ने ₹50 करोड़ जुटाने के लिए यह NCD इश्यू पेश किया है। इसमें ₹25 करोड़ का बेस इश्यू है, जबकि ओवरसब्सक्रिप्शन होने पर कंपनी अतिरिक्त ₹25 करोड़ भी रख सकती है। इस फंड का इस्तेमाल कंपनी अपनी लेंडिंग ऑपरेशन्स और पुराने कर्ज को चुकाने में करेगी।
निवेश का गणित
इस इश्यू में निवेश करने की विंडो 12 अक्टूबर 2026 से खुलेगी और यह 26 अक्टूबर 2026 तक खुली रहेगी। हर NCD की फेस वैल्यू ₹1,000 रखी गई है और इसमें कम से कम ₹10,000 (यानी 10 यूनिट) का निवेश करना जरूरी है। निवेशक 13, 24, 36, और 60 महीने के मैच्योरिटी पीरियड को अपनी जरूरत के हिसाब से चुन सकते हैं।
रिस्क फैक्टर और क्रेडिट रेटिंग
निवेशकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि इस इंस्ट्रूमेंट को ACUITÉ BBB-/Stable रेटिंग मिली है, जो मध्यम स्तर की सुरक्षा (Moderate Safety) को दर्शाता है। याद रखें कि बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट की तरह इसमें कोई इंश्योरेंस कवर नहीं होता, इसलिए सारा जोखिम कंपनी की फाइनेंशियल हेल्थ पर निर्भर करता है।
एक NBFC के तौर पर, कंपनी का बिजनेस मॉडल उधार लेकर आगे कर्ज देने का है। ऐसे में डिजिटल लेंडिंग सेक्टर में बढ़ते कॉम्पिटिशन और रेगुलेटरी बदलावों का असर कंपनी की प्रॉफिटेबिलिटी पर पड़ सकता है। निवेशकों को सलाह है कि वे कंपनी के लोन पोर्टफोलियो की क्वालिटी और डेट-टू-इक्विटी रेशियो पर नजर बनाए रखें।
