Indian Banks' Association (IBA) अब बैंकों के लिए एक साझा साइबर इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म ला रहा है। वहीं, SBI ने अपने नए 'CyRIS' हब के जरिए सुरक्षा मजबूत की है, जबकि Q2 FY27 में बैंक ने **₹23,038 करोड़** का शानदार प्रॉफिट कमाया है।
बैंकों का साझा सुरक्षा कवच
Indian Banks' Association (IBA) एक ऐसे सेंट्रलाइज्ड प्लेटफॉर्म पर काम कर रहा है, जिससे सभी सदस्य बैंक रियल-टाइम में साइबर हमलों की जानकारी साझा कर सकेंगे। यह पहल पारंपरिक और धीमी रिपोर्टिंग प्रोसेस को खत्म कर देगी, जिससे पूरे फाइनेंशियल सिस्टम में खतरों को तुरंत पहचान कर उन्हें ब्लॉक किया जा सकेगा।
'CyRIS' से SBI की तैयारी
State Bank of India के चेयरमैन चल्ला श्रीनिवासुलु शेट्टी ने साफ किया है कि बैंक इस पहल में सक्रिय भूमिका निभा रहा है। SBI ने हाल ही में अपने सुरक्षा तंत्र को और धार देने के लिए 'CyRIS' यानी 'Cybersecurity Centre of Excellence' की शुरुआत की है। यह कदम तब उठाया गया है जब बैंक ने डार्क वेब पर लगभग 3,897 कस्टमर रिकॉर्ड्स की पहचान की थी। इसके बाद से SBI ने API स्वूप और वल्नेरेबिलिटी असेसमेंट जैसे सख्त कदम उठाए हैं ताकि डिजिटल आर्किटेक्चर को सुरक्षित रखा जा सके।
मजबूत फाइनेंशियल परफॉर्मेंस
सुरक्षा पर भारी खर्च के बावजूद SBI की आर्थिक स्थिति काफी मजबूत बनी हुई है। बैंक ने फाइनेंशियल ईयर 2027 की दूसरी तिमाही में ₹23,038 करोड़ का स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट दर्ज किया है, जो पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 14.3% ज्यादा है। यह प्रॉफिट बैंक को अपनी डिजिटल सुरक्षा और तकनीकी अपग्रेड्स में निवेश करने की पूरी ताकत देता है।
सेक्टर के लिए चुनौती
जैसे-जैसे बैंकिंग सेक्टर डिजिटलाइजेशन की ओर बढ़ रहा है, AI-आधारित साइबर हमलों का खतरा भी बढ़ रहा है। IBA का रियल-टाइम शेयरिंग मैकेनिज्म इस अंतर को पाटने की कोशिश तो कर रहा है, लेकिन अलग-अलग बैंकिंग प्लेटफॉर्म्स के बीच सुरक्षा प्रोटोकॉल को इंटीग्रेट करना एक बड़ी ऑपरेशनल चुनौती है। इन्वेस्टर्स के लिए देखने वाली बात यह होगी कि यह नया सिस्टम साइबर हमलों को रोकने की रफ्तार को कितना तेज कर पाता है।
