I4C की बैंकों को सख्त चेतावनी: AI-आधारित फ्रॉड से बढ़ी टेंशन, अब **6 घंटे** में देनी होगी रिपोर्ट

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
I4C की बैंकों को सख्त चेतावनी: AI-आधारित फ्रॉड से बढ़ी टेंशन, अब **6 घंटे** में देनी होगी रिपोर्ट

भारतीय साइबर एजेंसी ने बैंकों और फिनटेक कंपनियों को AI-संचालित हमलों को लेकर हाई-अलर्ट पर रखा है। अब किसी भी तरह की सुरक्षा चूक होने पर कंपनियों को **6 घंटे** के भीतर RBI और CERT-In को सूचित करना अनिवार्य होगा।

इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C) ने बैंकिंग और फिनटेक सेक्टर के लिए एक बड़ी चेतावनी जारी की है। अब 'मशीन स्पीड' से होने वाले AI-संचालित फ्रॉड का खतरा बढ़ गया है, जहाँ ऑटोमेटेड AI एजेंट डिजिटल पेमेंट सिस्टम की कमियों का फायदा उठाकर तेजी से फंड ट्रांसफर कर रहे हैं। ये हमले इतने तेज हैं कि पारंपरिक सुरक्षा सिस्टम इन्हें समय पर पकड़ने में नाकाम साबित हो रहे हैं।

नई गाइडलाइन्स का असर

इस खतरे को देखते हुए, रेगुलेटर्स ने नियमों को सख्त कर दिया है। अब बैंकों, NBFCs और डिजिटल पेमेंट प्रोवाइडर्स के लिए अनिवार्य है कि वे किसी भी संदिग्ध साइबर ब्रीच की रिपोर्ट डिटेक्शन के 6 घंटे के अंदर CERT-In और RBI के DAKSH पोर्टल पर करें। इसका मकसद हमलावरों को फंड ट्रांसफर करने या डिजिटल लॉग्स मिटाने का मौका न देना है।

निवेशकों के लिए क्या है संकेत?

निवेशकों को सतर्क रहने की जरूरत है क्योंकि इस नए नियम से बैंकों और फिनटेक कंपनियों पर ऑपरेशनल दबाव बढ़ेगा। कंपनियों को अपनी साइबर सुरक्षा और APIs के ऑडिट पर भारी खर्च करना होगा, जो शॉर्ट-टर्म में उनके प्रॉफिट मार्जिन पर असर डाल सकता है।

खासकर वे बैंक जिनके पास पुराने यानी लेगेसी IT सिस्टम हैं, उन्हें ज्यादा चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। आने वाली तिमाही नतीजों (Quarterly Earnings) में यह देखना जरूरी होगा कि कंपनियां अपने सुरक्षा ढांचे को अपडेट करने के लिए कितना इन्वेस्टमेंट कर रही हैं। यह न केवल उनकी साख के लिए, बल्कि लंबी अवधि की स्थिरता के लिए भी एक बड़ा फैक्टर साबित होगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.