HomeFirst Finance अपनी ग्रीन होम पोर्टफोलियो को 10,000 यूनिट तक बढ़ाने की तैयारी में है, ताकि ग्रीन बॉन्ड फंडिंग का रास्ता खुल सके। साथ ही, कंपनी आज ₹150 करोड़ के NCD इश्यू पर भी विचार करेगी। कंपनी का लक्ष्य सस्टेनेबल कैपिटल को आकर्षित करना है, हालांकि निवेशकों की नजर लीडरशिप में बदलाव पर भी है, क्योंकि CFO इस महीने के अंत में पद छोड़ने वाले हैं।
HomeFirst Finance अपनी एनवायरनमेंटल, सोशल और गवर्नेंस (ESG) पहल को बड़े पैमाने पर बढ़ा रही है। कंपनी ने 10,000 ग्रीन-सर्टिफाइड व्यक्तिगत घरों का लक्ष्य रखा है। इस कदम का उद्देश्य ग्रीन बॉन्ड जारी करने की तैयारी करना है, जिससे कंपनी को फॉरेन पेंशन फंड्स जैसे सस्टेनेबल इन्वेस्टर्स से पैसा जुटाने में मदद मिलेगी। वर्तमान में, कंपनी ने इंटरनेशनल फाइनेंस कॉर्पोरेशन (IFC) के साथ मिलकर विकसित किए गए एक प्रोग्राम के तहत 600 से अधिक घरों को सफलतापूर्वक प्रमाणित किया है।
₹150 करोड़ जुटाने की योजना
कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स 21 अगस्त 2026 को नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर्स (NCDs) के जरिए ₹150 करोड़ तक जुटाने पर विचार करने के लिए बैठक करेंगे। यह फंड जुटाने का कदम ऐसे समय में उठाया जा रहा है जब कंपनी मजबूत परिचालन गति बनाए हुए है। 2027 फाइनेंशियल ईयर की पहली तिमाही में कंपनी के एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) में 25.7% की ग्रोथ दर्ज की गई थी। कंपनी 25% की सालाना ग्रोथ के अपने गाइडेंस को जारी रखे हुए है।
ESG प्रोफाइल और निवेशक
HomeFirst Finance ने एक मजबूत ESG प्रोफाइल बनाए रखा है, जो ग्लोबल कैपिटल को आकर्षित करने के लिए महत्वपूर्ण है। कंपनी का डिजिटल-फर्स्ट मॉडल, जिसमें 90% से अधिक लोन का वितरण पेपरलेस तरीके से होता है, और सरकारी की प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) में इसकी भागीदारी ने ग्लोबल एजेंसियों से अनुकूल ESG रेटिंग हासिल करने में मदद की है।
निवेशकों के लिए मुख्य बातें
हालांकि, इस ग्रोथ स्ट्रेटेजी के साथ-साथ निवेशक कई अन्य महत्वपूर्ण बातों पर भी नजर रख रहे हैं। कंपनी में लीडरशिप बदलाव होने वाले हैं, क्योंकि चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (CFO) नूतन पटवारी 31 अगस्त 2026 से प्रभावी रूप से इस्तीफा देने वाली हैं। मैनेजमेंट में बदलाव अक्सर भविष्य की वित्तीय स्थिरता को लेकर चिंताएं बढ़ाते हैं। इसके अलावा, अफोर्डेबल हाउसिंग फाइनेंस सेक्टर यील्ड और मार्जिन कम्प्रेशन के प्रति संवेदनशील बना हुआ है, क्योंकि लेंडर्स कॉम्पिटिटिव प्राइसिंग और रेगुलेटरी लागतों का सामना कर रहे हैं। कंपनी का लक्ष्य अपनी ग्रीन पहल के माध्यम से ग्लोबल इन्वेस्टर्स तक अपनी पहुंच बढ़ाना है, लेकिन उसका दीर्घकालिक वित्तीय प्रदर्शन इस एसेट बेस को कुशलतापूर्वक बढ़ाने और परिचालन नेतृत्व में बदलावों को प्रबंधित करने की उसकी क्षमता पर निर्भर करेगा। भविष्य में ग्रीन बॉन्ड इश्यू की सफलता काफी हद तक 10,000 घरों के लक्ष्य को प्राप्त करने और आवश्यक सर्टिफिकेशन मानकों को बनाए रखने पर निर्भर करेगी।
