मुनाफे में आई ज़बरदस्त उछाल!
Q4 में होम फर्स्ट फाइनेंस के नतीजे उम्मीदों से बढ़कर आए हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट साल-दर-साल 42.8% बढ़कर ₹149.4 करोड़ पर पहुंच गया। इस वृद्धि का मुख्य कारण 36.5% की ग्रोथ के साथ ₹306.1 करोड़ रहा नेट इंटरेस्ट इनकम (NII)। कंपनी के मजबूत रेवेन्यू जनरेशन और ऑपरेशनल एफिशिएंसी का असर Pre-provision Operating Profit पर भी दिखा, जो 44.9% बढ़कर ₹211 करोड़ हो गया।
AUM और लोन डिस्बर्समेंट ने बनाए रिकॉर्ड
कंपनी का एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) भी काफी बढ़ा है। यह 24.9% ईयर-ऑन-ईयर ग्रोथ के साथ ₹15,878 करोड़ पर जा पहुंचा। वहीं, लोन डिस्बर्समेंट ने तो नया रिकॉर्ड बनाया, यह 23.5% की बढ़ोतरी के साथ ₹1,572 करोड़ रहा। AUM में 83% हिस्सा हाउसिंग लोन का है, जबकि 70% कस्टमर बेस अफोर्डेबल हाउसिंग सेगमेंट (EWS/LIG) से आता है।
₹1,250 करोड़ की इक्विटी रेज़ से बढ़ी ताकत
भविष्य में तेज़ी से विस्तार करने के लिए, कंपनी ने हाल ही में ₹1,250 करोड़ की इक्विटी रेज़ सफलतापूर्वक पूरी की है। इस कैपिटल इनफ्यूजन से कंपनी की नेट वर्थ बढ़कर ₹4,357 करोड़ हो गई है, और कैपिटल एडिक्वेसी रेश्यो (CRAR) 44.1% पर बना हुआ है। इससे कंपनी की लोन देने की क्षमता और मज़बूत हुई है।
एसेट क्वालिटी में हुआ सुधार
कंपनी की एसेट क्वालिटी में भी लगातार सुधार देखने को मिला है। 1+ दिन के NPA (DPD) का आंकड़ा 4.7% रहा, जो पिछली तिमाही से 60 बेसिस पॉइंट कम है। 30+ DPD घटकर 3.2% पर आ गया, और ग्रॉस NPA 1.8% रहे, जो 20 बेसिस पॉइंट की गिरावट दर्शाता है।
शेयर में तेजी और वैल्यूएशन
नतीजों के बाद, BSE पर कंपनी के शेयर में 3.66% की तेज़ी देखी गई और यह ₹1,230.00 पर बंद हुआ। कंपनी का मार्केट कैप करीब ₹12,000 करोड़ है और यह लगभग 3.5 गुना के P/E मल्टीपल पर ट्रेड कर रहा है, जो इसे इंडस्ट्री में कॉम्पिटिटिव बनाता है।
सेक्टर में मौके और चुनौतियाँ
अफॉर्डेबल हाउसिंग फाइनेंस सेक्टर में लगातार अच्छी डिमांड बनी हुई है, जिसका सीधा फायदा होम फर्स्ट फाइनेंस को मिल रहा है। हालांकि, इंटरेस्ट रेट में उतार-चढ़ाव और कस्टमर की खर्च करने की क्षमता जैसे कुछ रिस्क भी इस सेक्टर से जुड़े हैं।
एनालिस्ट्स का नज़रिया पॉजिटिव
फिलहाल, एनालिस्ट्स का होम फर्स्ट फाइनेंस को लेकर नज़रिया काफी पॉजिटिव है। एनालिस्ट्स ने ₹1400 से ₹1500 तक के टारगेट प्राइस सुझाए हैं। कंपनी का फोकस डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क बढ़ाने और अफॉर्डेबल हाउसिंग सेगमेंट पर है।
