समीर अरोड़ा की Helios Capital Management ने Adani Enterprises के करीब **7.70 लाख** शेयर खरीदे हैं। इस खबर के आते ही Adani Group के शेयरों में जोरदार तेजी देखने को मिली, Adani Total Gas में तो करीब **7%** का उछाल आया।
Adani Group के शेयरों में क्यों आई तेजी?
शुक्रवार को Adani Group के शेयरों में शानदार तेजी दर्ज की गई। इसकी मुख्य वजह सिंगापुर की एसेट मैनेजमेंट कंपनी Helios Capital Management का Adani Enterprises में निवेश है। Helios Capital ने 770,000 के करीब शेयर खरीदे हैं, जो कि ग्रुप की फ्लैगशिप कंपनी है। यह निवेश खासतौर पर Helios Capital के दो फंड्स के लिए नया एंट्री पॉइंट है।
Adani Group में कैसा रहा मार्केट रिएक्शन?
इस खबर के बाद Adani Enterprises के शेयर 2.8% बढ़कर ₹3,173 के इंट्राडे हाई पर पहुंच गए। ग्रुप की अन्य कंपनियों के शेयरों में भी मजबूती दिखी। Adani Total Gas सबसे आगे रहा और 6.9% की तेजी के साथ ₹749.95 पर कारोबार कर रहा था। Adani Energy Solutions और Adani Green Energy में भी 4% का इजाफा देखा गया। इसके अलावा Adani Ports, Adani Power, ACC और Ambuja Cements के शेयरों में 2% से 3% तक की बढ़त दर्ज की गई।
इंस्टीट्यूशनल निवेशकों का बढ़ता भरोसा
Helios Capital के निवेश से Adani Group में इंस्टीट्यूशनल निवेशकों का भरोसा और बढ़ा है। इससे पहले GQG Partners, Capital Group और SBI Funds Management जैसी बड़ी फर्मों ने भी ग्रुप की कंपनियों में हिस्सेदारी खरीदी है। लंबे समय से प्रमोटर्स का दबदबा रहने वाले Adani Group के लिए यह एक बड़ा बदलाव है, जो दिखाता है कि निवेशक अब ग्रुप की कॉर्पोरेट प्रोफाइल को सामान्य रूप से देख रहे हैं।
Adani Enterprises की नई रणनीति
Adani Enterprises ग्रुप के लिए एक बिजनेस इनक्यूबेटर का काम कर रहा है। यह कंपनी डेटा सेंटर, एयरपोर्ट और डिफेंस जैसे कैपिटल-इंटेंसिव सेक्टर में एक्सपेंशन पर फोकस कर रही है। इस रणनीति का मकसद ग्रुप का कोयला और पोर्ट्स जैसे पारंपरिक कारोबारों पर निर्भरता कम करना है। मार्केट पार्टिसिपेंट्स का मानना है कि नए एनर्जी और इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में ग्रुप की बढ़ती पहुंच को देखते हुए, फ्रेश कैपिटल अट्रैक्ट करने की क्षमता एक अच्छा संकेत है।
जोखिम और सेंटीमेंट पर एक नजर
पहले Adani Group को कई कानूनी और रेगुलेटरी मुश्किलों का सामना करना पड़ा था, जिससे निवेशकों के सेंटीमेंट पर असर पड़ा था। हालिया समय में ग्रुप ने कुछ हाई-प्रोफाइल सैंक्शन्स और आरोपों से निपटा है। इन मुद्दों ने पिछले सालों में ग्रुप की मार्केट इमेज को काफी प्रभावित किया था। अब फोकस ग्रुप की एग्जीक्यूशन कैपेबिलिटी और इंफ्रास्ट्रक्चर एसेट्स की लॉन्ग-टर्म पोटेंशियल पर है। आगे चलकर निवेशक ग्रुप के बड़े इंफ्रा प्रोजेक्ट्स की प्रोग्रेस, एक्सपेंशन के दौरान कर्ज का प्रबंधन और इंस्टीट्यूशनल शेयरहोल्डिंग पैटर्न पर नजर रखेंगे।
