HUDCO ने चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही (Q1) में धमाकेदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट **35.1%** बढ़कर **₹851 करोड़** हो गया है, जो पिछले साल इसी अवधि में **₹630 करोड़** था। इस उछाल की वजह नेट इंटरेस्ट इनकम में **21.1%** की ग्रोथ रही। साथ ही, कंपनी ने **₹1.25** प्रति शेयर के अंतरिम डिविडेंड का भी ऐलान किया है।
Detailed Coverage
HUDCO के मुनाफे में बंपर उछाल
हाउसिंग एंड अर्बन डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (HUDCO) ने चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में शानदार प्रदर्शन किया है। कंपनी का शुद्ध लाभ (Net Profit) बढ़कर ₹851 करोड़ पर पहुंच गया, जो पिछले साल की समान अवधि में ₹630 करोड़ था। यह 35.1% की जोरदार बढ़ोतरी है। कंपनी के मुख्य बिज़नेस, यानी लेंडिंग बिजनेस में जबरदस्त ग्रोथ देखने को मिली, जिसकी वजह से नेट इंटरेस्ट इनकम (Net Interest Income) 21.1% बढ़कर ₹1,149 करोड़ हो गई, जो पिछले साल ₹948 करोड़ थी।
डिविडेंड का ऐलान और रिकॉर्ड डेट
तिमाही नतीजों के साथ-साथ, HUDCO के बोर्ड डायरेक्टर्स ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए अंतरिम डिविडेंड (Interim Dividend) को मंजूरी दे दी है। योग्य शेयरधारकों को प्रति इक्विटी शेयर ₹1.25 का भुगतान किया जाएगा। यह ₹10 के फेस वैल्यू पर 12.5% का पेआउट है। इस डिविडेंड के लिए वे निवेशक पात्र होंगे जिनके नाम रिकॉर्ड डेट, यानी शुक्रवार, 31 जुलाई 2026 तक कंपनी के शेयर होंगे। कंपनी ने बताया है कि लागू टैक्स नियमों के अधीन, डिविडेंड की घोषणा की तारीख से 30 दिनों के भीतर भुगतान कर दिया जाएगा।
कंपनी का बिज़नेस और आगे क्या देखें
HUDCO भारत भर में हाउसिंग और अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को फाइनेंस करने वाली एक विशेष वित्तीय संस्था के तौर पर काम करती है। सरकारी स्वामित्व वाली कंपनी होने के नाते, इसका प्रदर्शन देश में इंफ्रास्ट्रक्चर पर होने वाले खर्च और शहरी विकास की पहलों से सीधे तौर पर जुड़ा हुआ है। निवेशक आमतौर पर कंपनी की लोन बुक की क्वालिटी और नेट इंटरेस्ट मार्जिन (Net Interest Margin) बनाए रखने की क्षमता पर नजर रखते हैं।
चूंकि कंपनी अपने लेंडिंग एक्टिविटीज के लिए डेट मार्केट्स पर निर्भर करती है, इसलिए उधार लेने की लागतों (Borrowing Costs) का प्रबंधन इसके बिजनेस मॉडल का एक अहम हिस्सा है। HUDCO पर नजर रखने वाले निवेशकों के लिए, आगामी अपडेट्स में लोन बुक की प्रगति, एसेट क्वालिटी (Asset Quality) के रुझान और शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर फाइनेंसिंग की मांग का कंपनी की कमाई पर पड़ने वाले असर पर ध्यान देना महत्वपूर्ण होगा।
