HUDCO का ₹3 लाख करोड़ के लोन बुक का महत्वाकांक्षी लक्ष्य
HUDCO ने फाइनेंशियल ईयर 2030 तक अपने लेंडिंग पोर्टफोलियो को लगभग दोगुना कर ₹3 लाख करोड़ तक पहुंचाने का बड़ा लक्ष्य रखा है। वर्तमान में कंपनी की लोन बुक ₹1.6 लाख करोड़ की है। कंपनी के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर संजय कुलश्रेष्ठ (Sanjay Kulshrestha) ने इस पर भरोसा जताया है, खासकर सरकारी योजनाओं जैसे PMAY और Jal Jeevan Mission के समर्थन का जिक्र करते हुए। पिछले तीन सालों में HUDCO की लोन बुक पहले ही दोगुनी हो चुकी है, जिसमें सालाना करीब 28-29% की ग्रोथ देखी गई है।
मुनाफे में उछाल, पर वजह क्या है?
हालिया Q4 FY26 के नतीजों में नेट प्रॉफिट में 172.25% का शानदार सालाना उछाल दर्ज किया गया, जो ₹1,981.31 करोड़ रहा। लेकिन, इस बड़े प्रॉफिट का मुख्य कारण ₹1,300 करोड़ से अधिक का एक बड़ा डेफर्ड टैक्स क्रेडिट (Deferred Tax Credit) रहा, जिससे कंपनी की कोर कमाई की स्थिरता पर सवाल उठ रहे हैं।
मार्जिन पर दबाव और वैल्यूएशन की चिंता
कंपनी के ₹3 लाख करोड़ के आक्रामक विस्तार के लक्ष्यों के बावजूद, HUDCO के नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIMs) पर दबाव देखा गया है, जो पिछली तिमाही में थोड़ा कम हुआ है। चेयरमैन कुलश्रेष्ठ ने इसे अस्थायी बताया है और 3% से 3.2% के बीच गाइडेंस बनाए रखा है। हालांकि, फाइनेंशियल ईयर 25 में फाइनेंस लागत रेवेन्यू ग्रोथ की तुलना में तेजी से बढ़ी (46% बनाम 27.5%), जिससे मार्जिन पर और दबाव पड़ा। यह तब हुआ जब FY26 में कंपनी के लोन सैंक्शन 29% बढ़कर ₹1.65 लाख करोड़ और डिस्पर्समेंट्स 28% बढ़कर ₹51,194 करोड़ हुए। कंपनी की एसेट क्वालिटी मजबूत बनी हुई है, FY26 में ग्रॉस NPA 1.04% और प्रोविजन कवरेज रेशियो 94.90% रहा।
पीयर कंपनियों से तुलना और स्टॉक पर असर
15 मई, 2026 को HUDCO के शेयर की कीमत लगभग 8% गिरकर ₹207.45 के स्तर पर आ गई, जो निवेशकों की सतर्कता को दर्शाता है। कंपनी का मार्केट कैप लगभग ₹41,600 करोड़ है। अगर इसके वैल्यूएशन की तुलना साथी कंपनियों से करें, तो PNB Housing Finance लगभग 11.91-14.0x P/E पर ट्रेड कर रहा है, जबकि LIC Housing Finance का P/E 5.2-5.88x है। HDFC Bank का P/E भी लगभग 14.96-16.1x के दायरे में है। ऐसे में, मार्जिन प्रेशर के बावजूद HUDCO का वैल्यूएशन इन पीयर्स की तुलना में ज्यादा नजर आता है। कंपनी का PEG रेशियो 4.35 बताता है कि यह अपनी ग्रोथ प्रॉस्पेक्ट्स की तुलना में ओवरवैल्यूड हो सकती है।
अंदरूनी जोखिम और विश्लेषकों की राय
HUDCO को सरकारी योजनाओं का लाभ मिलता है, लेकिन यह संभावित नीतिगत बदलावों या फंडिंग आवंटन में अनिश्चितता के प्रति संवेदनशील है। फंड की बढ़ती लागत और ऑपरेटिंग इनएफिशिएंसी के चलते मार्जिन की स्थिरता पर सवाल बने हुए हैं। विश्लेषकों की कंसेंसस 'Buy' रेटिंग और ₹279.48 के औसत प्राइस टारगेट के बावजूद, स्टॉक का हालिया प्रदर्शन अंदरूनी चिंताओं को उजागर करता है। स्टॉक की 52-हफ्ते की रेंज ₹159.00–₹253.73 रही है, और साल-दर-साल 1.97% की गिरावट अल्पकालिक दबावों को दर्शाती है।