HSBC भारत में अपने कारोबार का तेजी से विस्तार करने की तैयारी में है। बैंक का लक्ष्य 2030 तक वेल्थ मैनेजमेंट सेगमेंट में टॉप-5 बैंकों में जगह बनाना है, जिसके लिए **46** नई ब्रांच खोली जाएंगी।
आक्रामक विस्तार की रणनीति
HSBC ने भारत में अपनी उपस्थिति को मजबूत करने के लिए एक बड़ा खाका तैयार किया है। अगले दो साल में बैंक 34 शहरों में 46 नई शाखाएं खोलेगा। बैंक केवल बड़े मेट्रो शहरों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि मैसूर, राजकोट, जालंधर और भुवनेश्वर जैसे उभरते हुए शहरों में भी अपनी पहुंच बनाएगा ताकि वहां के अमीर ग्राहकों को जोड़ा जा सके।
अमीर ग्राहकों पर नजर
बैंक का मुख्य फोकस ऐसे हाई-नेट-वर्थ इंडिविजुअल्स (HNI) पर है जिनके पास कम से कम $2 मिलियन (करीब ₹16.7 करोड़) की निवेश योग्य संपत्ति है। अपनी अंतरराष्ट्रीय पहचान का फायदा उठाते हुए, HSBC इन ग्राहकों को ग्लोबल इन्वेस्टमेंट, विदेश में पढ़ाई और अंतरराष्ट्रीय बिजनेस जैसे प्रीमियम समाधान देने की योजना बना रहा है।
मजबूत परफॉर्मेंस के संकेत
बैंक के हालिया आंकड़े इस दिशा में अच्छी शुरुआत दिखाते हैं:
- 31 मार्च तक मॉर्गेज बुक में सालाना 25% की ग्रोथ दर्ज की गई है, जो ₹257 अरब तक पहुंच गई है।
- GIFT सिटी के जरिए बैंक ने तीन महीने में $10.9 अरब के फॉरेन एक्सचेंज स्वैप का काम किया है।
कड़ी चुनौती और मुकाबला
टॉप-5 में जगह बनाने के लिए HSBC को ICICI Bank और Kotak Mahindra Bank जैसे दिग्गजों से सीधा मुकाबला करना होगा। अपनी धाक जमाने के लिए बैंक प्रीमियम प्रोडक्ट पेश कर रहा है, जिसमें ₹1,10,000 सालाना फीस वाले क्रेडिट कार्ड जैसे ऑफर्स शामिल हैं। अब देखना यह होगा कि क्या बैंक फिजिकल इंफ्रास्ट्रक्चर के बढ़ते खर्चों के बीच अपनी प्रॉफिटेबिलिटी बरकरार रख पाएगा या नहीं।
