HSBC ने RBI की FCNR(B) डिपॉजिट सुविधा के जरिए **$14.5 बिलियन** की भारी पूंजी जुटाई है। बैंक इस रकम का इस्तेमाल अपने रिटेल बैंकिंग, वेल्थ मैनेजमेंट और कॉर्पोरेट लेंडिंग कारोबार को भारत में बड़े पैमाने पर फैलाने के लिए करेगा।
भारी लिक्विडिटी का मास्टरप्लान
HSBC ने रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) की स्पेशल फॉरेन करेंसी नॉन-रेसिडेंट (FCNR) डिपॉजिट विंडो का फायदा उठाते हुए $14.5 बिलियन की बड़ी पूंजी जमा की है। बैंक के इस मोबिलाइजेशन के आंकड़े को देखें, तो यह पूरे बैंकिंग सिस्टम में ICICI Bank के $17.88 बिलियन के बाद दूसरा सबसे बड़ा आंकड़ा है। कुल मिलाकर, भारतीय बैंकों ने इस स्कीम के तहत $127.22 बिलियन की राशि जुटाई थी।
GIFT सिटी का अहम रोल
इस फंड के सही इस्तेमाल के लिए बैंक ने गुजरात के GIFT सिटी को अपना मुख्य हब बनाया है। HSBC ने जुटाई गई कुल रकम में से $10.9 बिलियन का डिप्लॉयमेंट इसी प्लेटफॉर्म के जरिए किया है। यह केंद्र बैंक के लिए ग्लोबल फंड्स को घरेलू बाजार के अवसरों से जोड़ने का काम कर रहा है।
ग्राहकों के लिए नई सौगात
बैंक अब केवल डिपॉजिट तक सीमित नहीं रहना चाहता। उन्होंने 12 नई शाखाएं खोलने और जल्द ही रिटेल ब्रोकिंग बिजनेस शुरू करने की योजना बनाई है। बैंक का फोकस ऐसे ग्राहकों पर है जिनकी इनवेस्टेबल एसेट ₹50 लाख से लेकर $2 मिलियन के बीच है। दिलचस्प बात यह है कि बैंक की लेवरेज स्ट्रैटेजी के चलते कुछ ग्राहकों को 10-14% तक का यील्ड (Yield) मिला है।
आगे बढ़ते हुए, बैंक का पूरा ध्यान इस पूंजी को कॉर्पोरेट लेंडिंग, फिक्स्ड-रेट मॉर्गेज और सरकारी सिक्योरिटीज में सही तरीके से लगाने पर है ताकि रिस्क और रिटर्न का संतुलन बना रहे।
