शेयर बाज़ार में निवेशकों के बदलते मिजाज का असर अब एसेट मैनेजमेंट कंपनियों (AMCs) पर साफ दिख रहा है। खास (Thematic) और सेक्टर-स्पेसिफिक फंड्स से पैसा निकल रहा है, और निवेशक अब सीधा इक्विटी स्कीम्स, खासकर फ्लेक्सी कैप, मिड कैप और स्मॉल कैप फंड्स में भरोसा दिखा रहे हैं।
अप्रैल 2026 में, इक्विटी स्कीम्स में ₹39,800 करोड़ का भारी इनफ्लो देखा गया, जो पिछले साल के मुकाबले 48% ज़्यादा है। भले ही मार्च के मुकाबले यह 12% कम है, लेकिन इसे सामान्य ट्रेंड माना जा रहा है।
इस बीच, ब्रोकरेज फर्म Nomura ने HDFC Asset Management Company (HDFC AMC) और Nippon Life India Asset Management (Nippon AMC) को अपनी पसंदीदा कंपनियों में रखा है। Nippon AMC का मार्केट शेयर बढ़कर 8.89% हो गया है, जो इसके डिजिटल बिजनेस की ग्रोथ को दिखाता है। वहीं, HDFC AMC का मार्केट शेयर 11.4% है, जिसमें इक्विटी AUM का बड़ा हिस्सा (65%) शामिल है।
दूसरी ओर, सेक्टर-स्पेसिफिक और थीमेटिक फंड्स से निवेशकों का मोहभंग हो रहा है। Q1 FY26 में इन फंड्स से ₹2,400 करोड़ का आउटफ्लो देखा गया। कई निवेशकों को इन फंड्स में भारी नुकसान उठाना पड़ा है, जिससे नई रुचि कम हो गई है।
हालांकि AMCs के लिए आउटलुक पॉजिटिव है, लेकिन HDFC AMC (P/E 41-42, मार्केट कैप ₹1.2 ट्रिलियन) और Nippon AMC (P/E 45-46, मार्केट कैप ₹70,186 करोड़) जैसी कंपनियों के वैल्यूएशन काफी ऊंचे हैं। अप्रैल 2026 से लागू होने वाले नए रेगुलेशन (जैसे एक्सपेंस रेश्यो और डिस्ट्रीब्यूटर कमीशन) से फीस इनकम पर दबाव आ सकता है। साथ ही, मार्केट में बड़ी गिरावट AMCs के AUM और मुनाफे को सीधे प्रभावित कर सकती है।
भविष्य में, ब्रोकरेज फर्म्स जैसे Emkay Global ने HDFC AMC और Nippon Life India AMC पर 'Buy' रेटिंग दी है, जो आगे और तेजी की उम्मीद जता रही है। वित्तीय बचत में बढ़ोतरी, टियर 2 और टियर 3 शहरों से रिटेल भागीदारी में बढ़ोत्तरी और वित्तीय संपत्तियों की ओर संरचनात्मक बदलाव AMCs के लिए ग्रोथ के बड़े मौके दे सकते हैं।
