HDFC Bank का Q3 मुनाफ़ा ICICI Bank से बेहतर, प्रोविज़न्स के बावजूद

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AuthorAditya Rao|Published at:
HDFC Bank का Q3 मुनाफ़ा ICICI Bank से बेहतर, प्रोविज़न्स के बावजूद
Overview

HDFC Bank ने ICICI Bank की तुलना में तीसरी तिमाही में बेहतर प्रदर्शन किया है, लाभ में 12% की वृद्धि दर्ज की है, जबकि ICICI का लाभ 4% घट गया। दोनों बैंकों को एकमुश्त प्रोविज़न्स का सामना करना पड़ा, लेकिन ICICI Bank पर इसका असर ज़्यादा हुआ। विश्लेषक सतर्क बने हुए हैं पर दोनों ऋणदाताओं पर 'खरीद' रेटिंग बनाए हुए हैं, साथ ही समायोजित मूल्य लक्ष्य भी दिए हैं।

HDFC Bank ने Q3 में बढ़त हासिल की

HDFC Bank ने ICICI Bank पर Q3 earnings में बढ़त बना ली है। बैंक ने कर-पश्चात लाभ (profit-after-tax) में साल-दर-साल 12% की वृद्धि दर्ज की, जो ₹18,654 करोड़ तक पहुँच गया, यह विश्लेषकों की उम्मीदों से बेहतर है। यह प्रदर्शन ICICI Bank के बिल्कुल विपरीत है, जिसका कर-पश्चात लाभ 4% घटकर ₹11,318 करोड़ रह गया।

प्रोविजनिंग और एकमुश्त प्रभाव

दोनों संस्थानों को भारतीय रिजर्व बैंक के निर्देशानुसार कृषि प्राथमिकता क्षेत्र ऋणों के गलत वर्गीकरण के लिए अतिरिक्त प्रोविजनिंग की आवश्यकता पड़ी। हालांकि, ICICI Bank की प्रोविजनिंग ₹1,300 करोड़ थी, जो HDFC Bank की ₹500 करोड़ की तुलना में काफी अधिक थी। HDFC Bank ने नए श्रम कानूनों के कारण ₹800 करोड़ की एकमुश्त वेतन प्रोविजनिंग (wage provisions) भी अवशोषित की, लेकिन इसे ₹900 करोड़ के उम्मीद से अधिक ट्रेडिंग लाभ (trading gains) से संतुलित किया गया। इसके विपरीत, ICICI Bank ने ₹160 करोड़ का ट्रेजरी घाटा (treasury losses) और ₹150 करोड़ की वेतन प्रोविजनिंग दर्ज की, जिससे उसके नतीजों पर और दबाव पड़ा।

मुख्य व्यावसायिक प्रदर्शन और मार्जिन

जब कि एकमुश्त लाभों ने मुख्य आंकड़ों को प्रभावित किया हो, मुख्य व्यावसायिक प्रदर्शन में अंतर कम होता दिखा। HDFC Bank के शुद्ध ब्याज मार्जिन (NIM) में क्रमिक रूप से आठ आधार अंकों (basis points) की वृद्धि हुई, जो 3.35% हो गया। ICICI Bank के मार्जिन पर मौसमी कृषि ऋणों में बढ़ोतरी (seasonal farm slippages) और ब्याज देनदारियों (interest reversals) का असर पड़ा, जिसने ऋण पैदावार (loan yields) और ऋण लागत (credit costs) को प्रभावित किया, जिससे मार्जिन कम हो गया। ICICI Bank ने शुद्ध ब्याज आय (net interest income) में 8% की वृद्धि दर्ज की (HDFC Bank के 6% की तुलना में), लेकिन HDFC Bank की शुल्क आय (fee income) 12% बढ़ी, जो ICICI Bank के 6% से काफी अधिक है। इसके परिणामस्वरूप HDFC Bank का मुख्य पूर्व-प्रोविजनिंग परिचालन लाभ (PPOP) 8% बढ़ा, जो अनुमानों से अधिक है और ICICI Bank के 6% की वृद्धि से बेहतर है।

आउटलुक और विश्लेषक विचार

आगे देखते हुए, वित्तीय वर्ष 2027 (FY27) के लिए उद्योग क्रेडिट वृद्धि 12-13% अनुमानित है, जिसमें जमा राशि के पुनर्मूल्यांकन (deposit repricing) और कम उधार लागत (borrowing costs) से मार्जिन विस्तार की उम्मीद है। HDFC Bank का प्रबंधन थोक ऋण (wholesale credit) में निरंतर सुधार और नीतिगत दर कटौती (policy rate cuts) को पास ऑन करने से NIM विस्तार की संभावना के चलते, उद्योग क्रेडिट वृद्धि से 1-3% अधिक प्रदर्शन करने को लेकर आश्वस्त है। ICICI Bank का NIM रेंज में रहने की उम्मीद है। Nuvama Institutional Equities ने दोनों बैंकों पर 'खरीद' रेटिंग बनाए रखी है, लेकिन ICICI Bank का लक्ष्य मूल्य ₹1,750 से घटाकर ₹1,670 कर दिया है, जबकि HDFC Bank का लक्ष्य मूल्य ₹1,170 रखा है।

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