HDFC Bank के 'परिवर्तन' प्रोग्राम ने कश्मीर के किसान उत्पादक संगठनों (FPOs) की किस्मत बदल दी है। मॉडर्न सप्लाई चेन और 'SAMARKASH' ब्रांड के जरिए इन संगठनों ने **₹5.2 करोड़** का रेवेन्यू हासिल किया है, जबकि बैंक नए CEO अनूप बागची के नेतृत्व में अपनी कोर इनकम को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है।
कश्मीर में डिजिटल और इंफ्रा बदलाव
HDFC Bank का 'परिवर्तन' प्रोग्राम कश्मीर में कृषि मूल्य श्रृंखला (agricultural value chains) को एक नई दिशा दे रहा है। बैंक ने वहां के किसानों को सोलर-पावर्ड ड्राइंग यूनिट्स और हाई-एफिशिएंसी इरिगेशन पंप जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई हैं। इसके परिणामस्वरूप, 10,128 से अधिक किसानों को फायदा हुआ है और उनके उत्पाद अब 'SAMARKASH' ब्रांड के तहत सीधे नेशनल मार्केट में पहुंच रहे हैं।
बिचौलियों से मुक्ति और मुनाफा
इस पहल का मुख्य उद्देश्य किसानों को बिचौलियों के जाल से बाहर निकालना है। स्थानीय प्रोसेसिंग क्षमता बढ़ने से अब किसान अपने माल को सही समय पर स्टोर कर सकते हैं और पीक डिमांड के दौरान बेहतर दाम पा रहे हैं। उदाहरण के तौर पर, 'किरमानिया फ्रूट फेड फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी' ने अपना सालाना रेवेन्यू बढ़ाकर ₹1.4 करोड़ तक पहुंचा लिया है।
लीडरशिप बदलाव और मार्केट अपडेट
बैंक के लिए यह समय काफी महत्वपूर्ण है, क्योंकि हाल ही में 27 अक्टूबर, 2026 को अनूप बागची ने मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO का पदभार संभाला है। निवेशकों की नजरें कंपनी की वित्तीय स्थिति पर टिकी हैं। 17 अक्टूबर को जारी किए गए नतीजों के अनुसार, बैंक की नेट इंटरेस्ट इनकम ₹346.2 बिलियन और नेट रेवेन्यू ₹484.5 बिलियन रहा था।
4 नवंबर, 2026 को HDFC Bank का शेयर ₹736.70 पर बंद हुआ, जिसमें 1.55% की बढ़त दर्ज की गई। हालांकि, ब्रोकरेज एनालिस्ट्स अभी भी मार्जिन प्रेशर और कोर इनकम ग्रोथ को लेकर सतर्क हैं। अब देखने वाली बात यह होगी कि बैंक कैसे अपनी रूरल कम्युनिटी सपोर्ट और फाइनेंशियल प्रॉफिटेबिलिटी के बीच तालमेल बिठाता है।
