HDFC Bank ने अपनी कैपिटल स्ट्रक्चर को मैनेज करने के लिए **₹739 करोड़** के Additional Tier 1 (AT1) बॉन्ड्स को **30 सितंबर 2026** तक रिडीम करने की योजना बनाई है। यह कदम बैंक के लिए उस समय आया है जब वह नेतृत्व परिवर्तन और कानूनी चुनौतियों के दौर से गुजर रहा है।
HDFC Bank ने स्टॉक एक्सचेंजों को सूचित किया है कि वह अपने AT1 बॉन्ड्स पर कॉल ऑप्शन का इस्तेमाल करेगा। इस रिडेम्पशन का मकसद अपनी लॉन्ग-टर्म डेट ऑब्लिगेशन को व्यवस्थित करना है।\n\n### लीडरशिप में बदलाव\nबैंक के लिए यह समय काफी चुनौतीपूर्ण है। मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO शशिधर जगदीशन ने 26 अक्टूबर 2026 को अपना कार्यकाल समाप्त होने के बाद फिर से नियुक्ति नहीं लेने का फैसला किया है। मार्केट एक्सपर्ट्स इस बड़े बदलाव को लेकर काफी सतर्क हैं।\n\n### कानूनी और रेगुलेटरी मुश्किलें\nबैंक पर केवल मैनेजमेंट का ही दबाव नहीं है, बल्कि कानूनी मोर्चे पर भी चुनौतियां बढ़ गई हैं। अगस्त 2026 में अमेरिका में बैंक के खिलाफ एक 'सिक्योरिटीज क्लास एक्शन लॉस्यूट' दायर किया गया है, जिसमें गलत जानकारी देने का आरोप है। यह मामला महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास निगम (MSRDC) से जुड़ी डिपॉजिट व्यवस्थाओं से संबंधित है। इससे पहले, बोर्ड ने ओवररीच के चलते बैंक के टॉप एग्जीक्यूटिव्स पर ₹1 लाख का जुर्माना भी लगाया था।\n\n### बाजार पर असर\nइन सभी घटनाओं का असर HDFC Bank के शेयर पर साफ दिख रहा है। 7 सितंबर 2026 तक, साल-दर-साल (YTD) आधार पर स्टॉक में 28% से अधिक की गिरावट दर्ज की गई है। फिलहाल निवेशक बैंक के नए CEO के चुनाव और US में चल रहे कानूनी मामले के अपडेट पर बारीकी से नजर बनाए हुए हैं।
