लीडरशिप पर सस्पेंस जारी
HDFC Bank के बोर्ड ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) से इंटरिम चेयरमैन केकी मिस्त्री का कार्यकाल 90 दिनों के लिए बढ़ाने की मांग की है। यह फैसला ऐसे समय आया है जब बैंक एक स्थायी चेयरमैन की तलाश में जुटा हुआ है।
क्यों चल रही है तलाश?
दरअसल, मार्च 2026 में अtanu Chakraborty ने आचार संबंधी चिंताओं (conduct concerns) के चलते अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद बैंक की आंतरिक गवर्नेंस (Governance) की समीक्षा की गई।
गवर्नेंस रिव्यू के नतीजे
स्वतंत्र लॉ फर्मों द्वारा की गई इस समीक्षा में बैंक के कामकाज में किसी बड़ी खामी (lapses) का पता नहीं चला है। यहां तक कि RBI ने भी अपने आकलन में किसी खास आचार या गवर्नेंस संबंधी चिंता की बात नहीं कही है।
मार्केट का रिएक्शन
हालांकि, लीडरशिप को लेकर बनी अनिश्चितता ने निवेशकों के भरोसे को झटका दिया है। मई 2026 की शुरुआत तक, HDFC Bank का मार्केट वैल्यूएशन (Market Valuation) करीब ₹12,02,699 करोड़ था, और शेयर ₹780.85 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। अtanu Chakraborty के इस्तीफे के बाद 19 मार्च 2026 को शेयर में करीब 5.1% की गिरावट आई थी, जिससे बैंक का मार्केट वैल्यूएशन अरबों रुपये कम हो गया। रोजाना लगभग 3.8-3.9 करोड़ शेयरों का ट्रेडिंग वॉल्यूम (Trading Volume) दिखाता है कि निवेशकों की नजर बनी हुई है, लेकिन यह अनिश्चितता अभी बनी हुई है।
प्रतिस्पर्धियों से तुलना
यह लीडरशिप अनिश्चितता सेक्टर के अन्य बड़े बैंकों जैसे ICICI Bank, State Bank of India, Axis Bank और Kotak Mahindra Bank के वैल्यूएशन को भी प्रभावित कर रही है। देखा जाए तो ICICI Bank ने अपने CEO संदीप बख्शी (Sandeep Bakhshi) का कार्यकाल बढ़ाया है, वहीं Kotak Mahindra Bank ने अशोक वासवानी (Ashok Vaswani) को बाहर से नियुक्त किया है।
अनिश्चितता के जोखिम
स्थायी चेयरमैन के बिना लंबा समय बिताना बैंक के लिए जोखिम भरा हो सकता है। अtanu Chakraborty के इस्तीफे के पीछे के कारण, भले ही व्यापक खामियों का संकेत न दें, लेकिन बोर्ड और प्रबंधन के बीच संभावित तनाव और नैतिकता की व्याख्या को लेकर सवाल खड़े करते हैं। इसके चलते HDFC Bank और ICICI Bank जैसे प्रतिस्पर्धियों के बीच वैल्यूएशन में एक बड़ा अंतर (Valuation Gap) आ गया है, जहां ICICI Bank फिलहाल बेहतर वैल्यूएशन पर कारोबार कर रहा है।
आगे क्या?
गवर्नेंस रिव्यू के नतीजे सकारात्मक आने और RBI द्वारा किसी बड़ी चिंता की अनुपस्थिति में, CEO शशिधर जगदीशन (Sashidhar Jagdishan) का अक्टूबर 2026 में कार्यकाल समाप्त होने के बाद उनका फिर से नियुक्त होना एक संभावना दिख रही है। बैंक की Nomination and Remuneration Committee जल्द ही लीडरशिप नियुक्तियों पर चर्चा के लिए बैठक कर सकती है। विश्लेषकों का मानना है कि लीडरशिप में स्थिरता आने से स्टॉक में तेजी आ सकती है। HDFC Bank इस लीडरशिप ट्रांजिशन को पारदर्शी गवर्नेंस और रणनीतिक विस्तार के प्रति अपनी प्रतिबद्धता बनाए रखते हुए प्रबंधित करने की योजना बना रहा है।
