HDFC Bank ने अपने मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड्स-बेस्ड लेंडिंग रेट (MCLR) में **5 से 15 बेसिस पॉइंट्स** की कटौती का ऐलान किया है, जो **7 अक्टूबर, 2026** से प्रभावी हो गई है। इस खबर के बाद बैंक का शेयर बाजार में **0.8%** नीचे कारोबार करता नजर आया।
ब्याज दरों में हुआ बदलाव
बैंक ने अलग-अलग टेन्योर के लिए अपनी लेंडिंग रेट्स में कटौती की है। अब ओवरनाइट MCLR 7.80% और एक महीने की फैसिलिटी 7.75% पर आ गई है। रिटेल लोन के लिए सबसे अहम माने जाने वाले एक साल के बेंचमार्क रेट को 8.35% से घटाकर 8.30% कर दिया गया है।
क्या EMI तुरंत कम होगी?
यह कटौती मुख्य रूप से उन पुराने ग्राहकों के लिए है जिनका लोन MCLR से लिंक्ड है। जो नए लोन रेपो रेट से जुड़े हैं, उन पर इसका सीधा असर नहीं पड़ेगा। साथ ही, आपकी EMI में बदलाव तुरंत नहीं होगा, यह आपके लोन एग्रीमेंट में तय 'रीसेट डेट' (Reset Date) के मुताबिक ही अपडेट होगा।
निवेशकों के लिए जोखिम (Investor Perspective)
बाजार इस फैसले को मिला-जुला देख रहा है। निवेशकों को चिंता इस बात की है कि अगर बैंक ने लोन दरें कम कीं लेकिन डिपॉजिट कॉस्ट (जमा पर ब्याज) कम नहीं हुआ, तो बैंक का नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) प्रभावित हो सकता है। इसी डर के कारण आज स्टॉक में 0.8% की गिरावट देखी गई।
अब सबकी नजरें मैनेजमेंट की अगली कमेंट्री पर हैं कि वे मार्जिन और फंड की लागत के बीच कैसे संतुलन बिठाते हैं।
