HDFC Bank ने अपने नए MD और CEO के लिए दो उम्मीदवारों के नाम RBI को भेज दिए हैं। मौजूदा CEO Sashidhar Jagdishan अक्टूबर 2026 में रिटायर होने वाले हैं। बैंक इस समय मार्जिन के दबाव और गिरते CASA रेशियो जैसी चुनौतियों से जूझ रहा है, जिसका असर शेयर प्राइस पर भी दिख रहा है।
HDFC Bank के अगले दौर की कमान किसे मिलेगी, इसकी प्रक्रिया शुरू हो गई है। बैंक ने RBI के पास अपने नए उत्तराधिकारियों के नाम जमा कर दिए हैं, क्योंकि मौजूदा MD और CEO Sashidhar Jagdishan 26 अक्टूबर 2026 को अपना पद छोड़ देंगे। यह बदलाव बैंक के लिए एक चुनौतीपूर्ण समय में आया है, जहां बैंक पोस्ट-मर्जर के बाद की जटिलताओं और बैंकिंग सेक्टर में बदलावों के बीच अपना रास्ता तलाश रहा है।
मार्जिन और फाइनेंशियल प्रेशर
बैंक की फाइनेंशियल रिपोर्ट के मुताबिक, भले ही नेट प्रॉफिट ₹19,060 करोड़ रहा हो (जो सालाना आधार पर 5% ज्यादा है), लेकिन अन्य मैट्रिक्स चिंताजनक हैं। बैंक का नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) गिरकर 3.26% पर आ गया है, जो पिछली तिमाही में 3.38% था। वहीं, CASA रेशियो भी घटकर 32% के स्तर पर पहुंच गया है। सस्ते फंड जुटाने में आ रही यह मुश्किल बैंक की भविष्य की स्ट्रैटेजी पर सवाल खड़े कर रही है।
बाजार की घबराहट और शेयर का हाल
इन्वेस्टर्स का भरोसा फिलहाल डगमगाया हुआ है। सितंबर 2026 में HDFC Bank के शेयर 52-वीक लो तक पहुंच गए थे, और साल की शुरुआत से अब तक इसमें लगभग 28% से 30% की बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। इस गिरावट के पीछे लीडरशिप की अनिश्चितता और डिपॉजिट ग्रोथ में सुस्ती मुख्य कारण हैं।
बैंक बोर्ड स्थिति को संभालने के लिए आंतरिक टीम को मजबूत कर रहा है। हाल ही में Jimmy Tata को एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर बनाया गया है और V. Srinivasa Rangan को 1 साल का एक्सटेंशन देने की तैयारी है, ताकि ट्रांजिशन के दौरान निरंतरता बनी रहे।
निवेशकों के लिए क्या है अहम?
अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि RBI किसे नए CEO के रूप में मंजूरी देता है। निवेशकों को बैंक की डिपॉजिट मोबिलाइजेशन क्षमता और आने वाली तिमाहियों में मार्जिन में सुधार पर कड़ी नजर रखनी होगी।
