HDFC Bank ने मार्च 2026 तिमाही के लिए अपने शानदार नतीजे पेश किए हैं। बैंक ने अपने मुख्य बैंकिंग ऑपरेशन्स में मजबूत ग्रोथ दर्ज की है।
कुल एडवांसेस (Advances) साल-दर-साल 12.1% बढ़कर ₹29.37 लाख करोड़ हो गए। इसमें छोटे और मध्यम बाज़ार के लोन में 17.2% की ग्रोथ और बिजनेस बैंकिंग में 20% का विस्तार शामिल है। डिपॉजिट्स (Deposits) भी 14.4% की रफ्तार से बढ़कर ₹31.05 लाख करोड़ तक पहुंच गए, जिसमें फिक्स्ड डिपॉजिट्स में खास उछाल देखा गया। इस दोहरी ग्रोथ के दम पर बैंक का स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट (Net Profit) पिछले साल के मुकाबले 9.11% बढ़कर ₹19,221 करोड़ रहा। वहीं, प्रोविजन्स (Provisions) 18% घट गए। बैंक की एसेट क्वालिटी (Asset Quality) भी मजबूत बनी हुई है, जिसमें नेट नॉन-परफॉर्मिंग एसेट (NPA) रेश्यो सुधरकर 0.38% हो गया है। हालांकि, विश्लेषक यह भी चेतावनी दे रहे हैं कि मध्य पूर्व में जारी संघर्ष (Middle East conflict) जैसे वैश्विक आर्थिक मुद्दे FY27 के GDP ग्रोथ अनुमानों को प्रभावित कर सकते हैं।
एडवांसेस में मजबूत ग्रोथ के बावजूद, HDFC Bank का नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) मार्च 2026 तिमाही में थोड़ा घटकर 3.53% रह गया, जो पिछले साल 3.7% था। यह दबाव RBI की 2025 के अंत में हुई रेपो रेट कटौती और डिपॉजिट्स के लिए बढ़ती प्रतिस्पर्धा और फंडिंग कॉस्ट (Funding Cost) की वजह से है। बैंकिंग सेक्टर में यह चिंता सभी के लिए समान है। बैंक का क्रेडिट-टू-डिपॉजिट रेश्यो (Credit-to-Deposit Ratio) 94.6% रहा, जो पिछले क्वार्टर के 98.6% से थोड़ा बेहतर है। रणनीतिक तौर पर, HDFC Bank इंफ्रास्ट्रक्चर लोन की फंडिंग के लिए बॉन्ड्स के ज़रिए ₹60,000 करोड़ तक जुटाने के लिए शेयरधारकों की मंजूरी लेने की तैयारी में है। वैल्यूएशन (Valuation) की बात करें तो, HDFC Bank की प्राइस-टू-बुक वैल्यू (P/B) 2.2 गुना है, जो इसके प्रतिद्वंद्वी Kotak Mahindra Bank (जो 3.0 गुना पर ट्रेड कर रहा है) से काफी कम है। HDFC Bank का P/E रेश्यो (April 18, 2026 तक) लगभग 16.05 है, जबकि Kotak Mahindra Bank का मार्च 2026 तक लगभग 19.58 था।
बैंक के सकारात्मक वित्तीय नतीजों के बीच, 18 मार्च 2026 को पार्ट-टाइम चेयरमैन Atanu Chakraborty के अचानक इस्तीफे से गवर्नेंस (Governance) को लेकर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं। Chakraborty ने अपने मूल्यों के अनुरूप न होने वाली प्रथाओं का हवाला देते हुए पद छोड़ दिया था। इसके बाद HDFC Bank ने एक समीक्षा के लिए बाहरी लॉ फर्म्स की नियुक्ति की है। रिपोर्ट्स के अनुसार, यह इस्तीफा CEO Sashidhar Jagdishan के साथ रणनीतिक दिशा और लीडरशिप स्टाइल को लेकर हुए पावर स्ट्रगल (Power Struggle) से जुड़ा हो सकता है। हालांकि बैंक के डिप्टी सीईओ ने कहा है कि CEO की पुनः नियुक्ति (re-appointment) प्रक्रिया समय आने पर पूरी की जाएगी, लेकिन चल रही समीक्षा और Chakraborty के इस्तीफे के कारण अनिश्चितता बनी हुई है। इस कॉर्पोरेट गवर्नेंस (Corporate Governance) के मुद्दे के साथ-साथ मध्य पूर्व संघर्ष से जुड़े भू-राजनीतिक जोखिम (geopolitical risks) जो आर्थिक अनुमानों को प्रभावित कर रहे हैं, एक जटिल परिदृश्य पेश करते हैं।
प्रतिद्वंद्वी Kotak Mahindra Bank की तुलना में, जिसने Q4 FY26 के लिए 16.2% लोन और 14.7% डिपॉजिट ग्रोथ दर्ज की, HDFC Bank की 14.4% डिपॉजिट ग्रोथ और 12.1% लोन ग्रोथ एक अधिक संतुलित, हालांकि सकारात्मक, विस्तार दर्शाती है। इसके अलावा, HSBC के विश्लेषकों ने मध्य पूर्व के तनाव के कारण Kotak Mahindra Bank के लिए संभावित एसेट-क्वालिटी जोखिमों और लायबिलिटी दबावों (liability pressures) को भी चिह्नित किया है, साथ ही उसके टारगेट प्राइस को भी कम किया है, जो सेक्टर के प्रति सतर्क दृष्टिकोण को दर्शाता है।
गवर्नेंस के सवालों के बावजूद, विश्लेषक आम तौर पर HDFC Bank पर सतर्कतापूर्ण आशावादी (cautiously optimistic) रुख बनाए हुए हैं। Motilal Oswal का अनुमान है कि FY27 के लिए रिटर्न ऑन एसेट्स (RoA) लगभग 1.9% और रिटर्न ऑन इक्विटी (RoE) 14.6% रहेगा। वे वर्तमान वैल्यूएशन को FY27E ABV पर 1.5x पर उचित मानते हैं। बैंक का शेयर (April 17, 2026 तक) ₹799.90 पर ट्रेड कर रहा है, और कुछ विश्लेषकों ने 'Buy' रेटिंग बरकरार रखी है, जिसमें लगभग 37.64% तक के अपसाइड पोटेंशियल का सुझाव दिया गया है। बैंक के CFO ने संकेत दिया है कि नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) निकट भविष्य में एक सीमा में रहने की उम्मीद है, लेकिन लंबी अवधि में यह स्थिर से सकारात्मक रहेगा। बोर्ड ने FY26 के लिए ₹13.00 प्रति इक्विटी शेयर के अंतिम डिविडेंड (Dividend) की भी सिफारिश की है।
