कर्ज़ का बोझ होगा हल्का?
HDFC Bank ने अपनी MCLR दरों को 10 बेसिस पॉइंट तक घटा दिया है। बैंक की नई MCLR दरें अब 8.15% से 8.55% के बीच हैं, जो पहले 8.25% से 8.60% थीं। यह कटौती 7 मार्च से लागू हो चुकी है।
किसे मिलेगा फायदा?
इस कदम से बैंक के उन ग्राहकों को कुछ राहत मिल सकती है जिनके होम लोन, कार लोन या पर्सनल लोन की EMI, MCLR से जुड़ी हुई है। हालांकि, यह राहत तुरंत नहीं मिलेगी। कर्जदारों को अपनी EMI में कमी का अहसास तभी होगा जब उनके लोन की ब्याज दर का रीसेट पीरियड (Reset Period) आएगा।
MCLR बनाम एक्सटर्नल बेंचमार्क
यह जानना ज़रूरी है कि MCLR, RBI द्वारा 2016 में पेश की गई एक दर है, जो बैंकों के फंड की लागत को दर्शाती है। लेकिन, आजकल ज़्यादातर नए होम और ऑटो लोन, RBI की रेपो रेट (Repo Rate) जैसे बाहरी बेंचमार्क (External Benchmark) से जुड़े होते हैं। इसलिए, जिन ग्राहकों के लोन रेपो रेट या किसी अन्य एक्सटर्नल बेंचमार्क से लिंक हैं, उन्हें HDFC Bank की इस MCLR कटौती का कोई सीधा फायदा नहीं होगा।