HDFC Bank Share Price: चेयरमैन के इस्तीफे से हाहाकार! गवर्नेंस पर उठे सवाल, शेयर **7%** धड़ाम

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
HDFC Bank Share Price: चेयरमैन के इस्तीफे से हाहाकार! गवर्नेंस पर उठे सवाल, शेयर **7%** धड़ाम
Overview

HDFC Bank के निवेशकों के लिए बुरी खबर है। बैंक के पार्ट-टाइम चेयरमैन Atanu Chakraborty ने इस्तीफा दे दिया है, जिससे शेयर में **7%** की बड़ी गिरावट आई है। इस इस्तीफे ने गवर्नेंस (Governance) और लीडरशिप (Leadership) को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं।

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इस्तीफे ने बढ़ाई अनिश्चितता

HDFC Bank के शेयर में गिरावट की मुख्य वजह चेयरमैन Atanu Chakraborty का अचानक इस्तीफा है। उन्होंने व्यक्तिगत मूल्यों और नैतिक मानकों के साथ तालमेल न होने का हवाला दिया है। इस अनिश्चितता ने पहले से चले आ रहे HDFC Ltd के मर्जर (Merger) की जटिलताओं और फंडिंग की लागत से जुड़ी चिंताओं को और बढ़ा दिया है।

बैंकिंग सेक्टर में गिरावट के बीच वैल्यूएशन पर दबाव

पिछले 2 ट्रेडिंग सेशन में HDFC Bank का शेयर करीब 7% गिर चुका है और अपने 52-सप्ताह के निचले स्तर ₹770 के करीब पहुंच गया है। आज भी शेयर 1.7% से ज्यादा गिरकर ₹785 के आसपास ट्रेड कर रहा था, जबकि Sensex 1% से ज्यादा चढ़ा। यह गिरावट बैंकिंग सेक्टर की अपनी कमजोरियों के बीच और भी अहम हो जाती है। Nifty Bank इंडेक्स मार्च में ही करीब 12% गिर चुका है, जो पिछले 20 सालों में इसका तीसरा सबसे खराब मंथली परफॉरमेंस है। हालांकि, SBI का P/E 11-14, Axis Bank का 14-16, और ICICI Bank का 17-18 के मुकाबले HDFC Bank का P/E अभी भी 16-18 के आसपास है। यह दर्शाता है कि यह ओवरवैल्यूड (Overvalued) नहीं है, लेकिन मौजूदा हालात इसके वैल्यूएशन को घटा सकते हैं।

गवर्नेंस और लीडरशिप पर सवाल

मार्केट लीडरशिप में स्थिरता और साफ गवर्नेंस को लेकर बहुत सेंसिटिव है, खासकर HDFC Bank जैसी बड़ी संस्था के लिए। Atanu Chakraborty के इस्तीफे ने एक अस्पष्टता पैदा कर दी है। Nomura के एनालिस्ट्स का मानना है कि यह अस्पष्टता 'गवर्नेंस अनिश्चितता और लीडरशिप विजिबिलिटी गैप' के कारण स्टॉक पर दबाव बनाए रखेगी। अक्टूबर 2026 में होने वाली CEO की रीअपॉइंटमेंट (Reappointment) इस अनिश्चितता को और बढ़ा देती है। पिछले साल भी HDFC Bank के शेयर में करीब 9.5% की गिरावट आई थी, जो Nifty 50 की मामूली गिरावट से कहीं ज्यादा है।

ब्रोकरेज हाउस की मिली-जुली राय

Macquarie ने गवर्नेंस चिंताओं का हवाला देते हुए HDFC Bank को अपनी 'Marquee Buy' लिस्ट से हटा दिया है। वहीं, Weiss Ratings ने तो मार्च की शुरुआत में ही स्टॉक को 'Sell' रेटिंग दे दी थी। भले ही बैंक और Reserve Bank of India (RBI) ने बैंक की मजबूत फाइनेंशियल हेल्थ (Financial Health) और लिक्विडिटी (Liquidity) का भरोसा दिलाया है, लेकिन Atanu Chakraborty के इस्तीफे के पीछे के कारणों पर स्पष्टता की कमी ने अटकलों को हवा दी है। अंतरिम चेयरमैन Keki Mistry ने 'रिलेशनशिप डिफरेंसेज' (Relationship Differences) का जिक्र किया है। इस अनिश्चितता से स्टॉक पर 'गवर्नेंस डिस्काउंट' (Governance Discount) लग सकता है, जिससे यह ICICI Bank और Axis Bank जैसे साथियों से पिछड़ सकता है। हालांकि, Jefferies ने ₹1,240 का टारगेट दिया है, Motilal Oswal का टारगेट ₹1,100 है, और Bank of America Securities ने ₹1,175 का टारगेट रखा है, ये मानते हुए कि कॉर्पोरेट गवर्नेंस से कोई समझौता नहीं हुआ है। दूसरी ओर, Kotak Securities अभी भी सतर्क है और वैल्यूएशन में और गिरावट की चेतावनी दे रहा है। परमानेंट चेयरमैन की नियुक्ति और CEO की रीअपॉइंटमेंट प्रक्रिया पर सबकी नजरें टिकी हैं।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.