HDFC Bank Share: मार्केट की तेजी में दौड़ा बैंक का शेयर, क्या अब भी है दबाव?

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
HDFC Bank Share: मार्केट की तेजी में दौड़ा बैंक का शेयर, क्या अब भी है दबाव?

ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के बाद भारतीय बाजारों में आई रौनक का फायदा HDFC Bank को मिला है। बैंक का शेयर आज करीब **3%** उछला है, लेकिन इसके बावजूद साल-दर-साल (YTD) यह **27%** से ज्यादा की गिरावट पर बना हुआ है।

बाजार की चाल और रिकवरी

मंगलवार, 3 नवंबर 2026 को HDFC Bank के शेयरों में अच्छी तेजी देखी गई और यह ₹720 के स्तर तक पहुंचा। इस उछाल के साथ ही बैंक की मार्केट कैप वापस ₹11.11 लाख करोड़ के करीब पहुंच गई। यह तेजी Nifty 50 और BSE Sensex में आई मजबूती के साथ तालमेल बिठाते हुए दिखी, जिसे क्रूड ऑयल के गिरते भावों और विदेशी निवेशकों की रुचि का सहारा मिला।

सेलिंग प्रेशर की चुनौती

भले ही आज वॉल्यूम में इजाफा हुआ हो, लेकिन ऑर्डर बुक का डेटा अभी भी सतर्क रहने का संकेत दे रहा है। मार्केट डेटा बताता है कि अभी भी सेल-साइड के ऑर्डर्स, बाय-साइड से ज्यादा हैं। इसका मतलब है कि जैसे-जैसे शेयर ऊपर जा रहा है, निवेशक मुनाफावसूली (Profit booking) करने या अपनी पोजीशन काटने में लगे हैं। यही वजह है कि लंबी गिरावट के बाद रिकवरी की रफ्तार सुस्त है।

फंडामेंटल और टेक्निकल स्थिति

फिलहाल बैंक का P/E रेश्यो 13.4 से 13.6 के बीच चल रहा है। साल की शुरुआत से अब तक शेयर 27% टूटा है और यह अपने 52-वीक लो के करीब है। बैंक निफ्टी इंडेक्स ने कुछ रेजिस्टेंस लेवल्स को पार जरूर किया है, लेकिन HDFC Bank की स्थिरता इस बात पर निर्भर करेगी कि बैंकिंग सेक्टर इस सपोर्ट को कब तक थामे रखता है। रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) के न्यूट्रल होने से यह साफ है कि शेयर अब संभलने की कोशिश कर रहा है।

निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे इसे सिर्फ एक दिन की सेंटीमेंटल तेजी न समझें। आगे चलकर विदेशी निवेश (FII flows), बैंक के मार्जिन और क्रूड ऑयल की कीमतों पर बारीक नजर रखना जरूरी होगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.