HDFC Bank Share: मल्टी-ईयर लो पर फिसला शेयर, एक्टिव फंड्स की बिकवाली से निवेशकों की बढ़ी टेंशन

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AuthorAditya Rao|Published at:
HDFC Bank Share: मल्टी-ईयर लो पर फिसला शेयर, एक्टिव फंड्स की बिकवाली से निवेशकों की बढ़ी टेंशन

अगस्त 2026 में HDFC Bank के शेयरों में बड़ी गिरावट देखने को मिली है। एक्टिव म्यूचुअल फंड मैनेजरों द्वारा लगातार बिकवाली और लीडरशिप में बदलाव की चिंताओं के कारण स्टॉक अपने मल्टी-ईयर लो पर पहुंच गया है।

अगस्त 2026 में HDFC Bank के शेयरों में भारी बिकवाली का दौर जारी है, जिससे स्टॉक अपने कई सालों के निचले स्तर पर आ गया है। साल की शुरुआत से अब तक शेयर में करीब 26% की गिरावट आ चुकी है। दिलचस्प बात यह है कि जहां पैसिव इंडेक्स फंड्स अभी भी अपनी हिस्सेदारी बनाए हुए हैं, वहीं एक्टिव फंड मैनेजर लगातार बैंक से अपना निवेश घटा रहे हैं।

लीडरशिप और गवर्नेंस का संकट

बैंक के भीतर जारी अनिश्चितताएं निवेशकों के लिए बड़ी चिंता का विषय बनी हुई हैं। बैंक के CEO शशिधर जगदीशन ने स्पष्ट कर दिया है कि वे 26 अक्टूबर 2026 को अपना कार्यकाल समाप्त होने के बाद पुनर्नियुक्ति नहीं चाहेंगे। इसके अलावा, मार्च 2026 में पूर्व चेयरमैन अतानु चक्रवर्ती का इस्तीफा भी बैंक की इंटरनल प्रैक्टिसेज पर सवाल खड़े कर गया था। बाजार के जानकारों का मानना है कि इस नेतृत्व शून्य (Leadership vacuum) के कारण स्टॉक में जबरदस्त वोलैटिलिटी देखी जा रही है।

फाइनेंशियल और ऑपरेशनल चुनौतियां

2023 में HDFC Ltd के साथ विलय के बाद बैंक को वित्तीय मोर्चे पर संघर्ष करना पड़ रहा है। बैंक का नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) जून 2026 की तिमाही में 3.26% रहा, जो विलय से पहले के 4% के स्तर से काफी कम है। फंडिंग की लागत बढ़ने और लोन ग्रोथ धीमी होने से बैंक के मार्जिन पर दबाव साफ दिख रहा है।

कानूनी पचड़ों का साया

बैंक के लिए सबसे बड़ी चुनौती अमेरिकी फेडरल सिक्योरिटीज क्लास-एक्शन मुकदमा है। बैंक पर आरोप है कि उसने महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास निगम (MSRDC) से बल्क डिपॉजिट पाने के लिए नियमों के विपरीत भुगतान किया और कामकाज को लेकर गलत जानकारियां दीं। यह कानूनी विवाद संस्थागत निवेशकों के बीच बैंक की गवर्नेंस और पारदर्शिता पर बड़े सवाल खड़े कर रहा है।

अब निवेशकों की नजरें नए CEO की नियुक्ति और अमेरिका में चल रहे कानूनी घटनाक्रमों पर टिकी हैं। बैंक के लिए वापसी का रास्ता तभी बनेगा जब वह मार्जिन में सुधार और ऑपरेशनल स्टेबिलिटी के स्पष्ट संकेत देगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.