HDFC Bank के शेयरों में आज कोई बड़ी हलचल नहीं दिखी। बैंक ने अपने MCLR में **5-10 बेसिस पॉइंट्स** की कटौती की है, जबकि बैंक अपने गोल्ड लोन पोर्टफोलियो को तेजी से बढ़ाने और अक्टूबर **2026** में होने वाले बड़े नेतृत्व बदलाव की तैयारी कर रहा है।
HDFC Bank के शेयर मंगलवार को एक दायरे में कारोबार करते नजर आए। बैंक ने 7 सितंबर 2026 से प्रभावी अपने मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड्स बेस्ड लेंडिंग रेट (MCLR) में 5 से 10 बेसिस पॉइंट्स की कटौती की है। इस बदलाव के बाद बैंक की दरें अब 7.90% से 8.60% के बीच हैं, जो कि रिटेल लेंडिंग मार्केट में बढ़ती प्रतिस्पर्धा को दर्शाता है।
गोल्ड लोन पर बढ़ा फोकस
बैंक की रणनीति अब रिटेल सेगमेंट में अपनी पैठ मजबूत करने की है। इसके तहत 'गोल्ड लोन' पोर्टफोलियो पर खास जोर दिया जा रहा है। जून 2026 तक बैंक का गोल्ड लोन पोर्टफोलियो ₹255 अरब तक पहुंच गया है, जो तिमाही आधार पर 8% की बढ़त दिखाता है। बैंक इस हाई-यिल्ड सेगमेंट के जरिए अपने मुनाफे और मार्केट शेयर को सुरक्षित करने की कोशिश में है।
नेतृत्व में बड़ा बदलाव
निवेशकों की नजरें अब बैंक के भविष्य पर टिकी हैं। बैंक के वर्तमान मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO, शशिधर जगदीशन 26 अक्टूबर 2026 को रिटायर होने वाले हैं और उन्होंने फिर से नियुक्ति न लेने का फैसला किया है। बाजार के जानकारों का मानना है कि नए नेतृत्व के आने के बाद बैंक की लॉन्ग-टर्म स्ट्रैटेजी और विजन में स्पष्टता आएगी। अभी निवेशक 'वेट एंड वॉच' की स्थिति में हैं, खासकर HDFC Ltd मर्जर के बाद के इंटीग्रेशन और मार्जिन पर दबाव जैसे मुद्दों को लेकर।
