HDFC Bank के शेयरों में आज कमजोरी देखी गई। निवेशक 17 अक्टूबर को आने वाले दूसरी तिमाही (Q2) के नतीजों का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं और मार्केट में सतर्कता का माहौल है।
मंगलवार को HDFC Bank के शेयरों में बिकवाली का दबाव दिखा और भाव नेशनल स्टॉक एक्सचेंज पर ₹713 के स्तर की ओर फिसल गया। ₹11 लाख करोड़ के मार्केट कैप वाली इस दिग्गज बैंक के नतीजों पर न केवल बैंक बल्कि पूरे बैंकिंग सेक्टर की नजरें टिकी हुई हैं।
इस साल कैसा रहा प्रदर्शन?
बैंक के लिए यह साल चुनौतीपूर्ण रहा है और साल की शुरुआत से अब तक इसमें 28.05% की गिरावट देखने को मिली है। फिलहाल स्टॉक 13.84 के एडजस्टेड पीई (P/E) रेशियो पर कारोबार कर रहा है। मंगलवार को ट्रेडिंग वॉल्यूम में हलचल दिखी और लगभग 192.89 लाख शेयरों का लेनदेन हुआ, जो दर्शाता है कि नतीजों से पहले बड़े निवेशक अपनी पोजीशन एडजस्ट कर रहे हैं।
निवेशकों की इन बातों पर नजर
नतीजों में सबसे महत्वपूर्ण 'मॉनिटरेबल्स' नेट इंटरेस्ट मार्जिन और डिपॉजिट ग्रोथ रहेंगे। पिछले कुछ महीनों में बैंक सेक्टर में फिक्स्ड डिपॉजिट के लिए तगड़ी होड़ मची है, जिससे मार्जिन पर दबाव बढ़ सकता है। निवेशक यह जानना चाहते हैं कि क्या बैंक इस लिक्विडिटी एनवायरनमेंट में अपने मुनाफे को सुरक्षित रखने में कामयाब रहा है।
मैनेजमेंट की कमेंट्री का इंतजार
नतीजों के साथ-साथ मैनेजमेंट की कमेंट्री भी अहम होगी। एनालिस्ट इस बात पर ध्यान देंगे कि बैंक का लोन बुक कैसा है और डिजिटल पहल या कस्टमर एक्विजिशन की क्या स्थिति है। क्या 17 अक्टूबर के नतीजे हालिया गिरावट के बाद निवेशकों का भरोसा वापस लौटा पाएंगे? इसका जवाब नतीजों के दिन ही मिलेगा।
