HDFC Bank Share: RBI के रेपो रेट बढ़ाने से दबाव में शेयर, क्या Q2 नतीजों में दिखेगी चिंता?

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
HDFC Bank Share: RBI के रेपो रेट बढ़ाने से दबाव में शेयर, क्या Q2 नतीजों में दिखेगी चिंता?

RBI द्वारा रेपो रेट में **25 बेसिस पॉइंट** की बढ़ोतरी के बाद HDFC Bank के शेयरों में गिरावट देखी गई है। अब निवेशक **17 अक्टूबर** को आने वाले नतीजों का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं ताकि मार्जिन पर असर का पता चल सके।

बुधवार के कारोबारी सत्र में HDFC Bank के शेयरों पर भारी दबाव रहा। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने रेपो रेट को 25 बेसिस पॉइंट बढ़ाकर 5.50% कर दिया है। केंद्रीय बैंक ने अपनी पॉलिसी को 'कैलिब्रेटेड टाइटनिंग' की ओर मोड़ा है, जो महंगाई और वैश्विक अनिश्चितता के प्रति उनकी सावधानी को दर्शाता है।

मार्जिन और लेंडिंग पर असर

ब्याज दरों में बढ़ोतरी से बैंकों के सामने चुनौती बढ़ जाती है। जैसे-जैसे फंड जुटाने की लागत बढ़ती है, बैंकों के नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) पर दबाव आता है। बैंक को अब इस बात का संतुलन बनाना होगा कि वे कैसे डिपॉजिट को आकर्षित करें और बढ़ती लागत का असर कर्जदारों पर डाले बिना अपने मुनाफे को सुरक्षित रखें।

डिपॉजिट ग्रोथ का दम

मैक्रो इकोनॉमिक चुनौतियों के बावजूद, HDFC Bank का बिजनेस मजबूत दिख रहा है। दूसरी तिमाही के प्रोविजनल अपडेट के अनुसार, बैंक की डिपॉजिट ग्रोथ 18.8% (YoY) रही है और कुल डिपॉजिट बेस लगभग ₹33.28 लाख करोड़ तक पहुंच गया है। हालांकि, महंगी ब्याज दरों के माहौल में इस ग्रोथ को बिना लागत बढ़ाए बनाए रखना निवेशकों के लिए चिंता का विषय है।

नई लीडरशिप और नतीजों का इंतजार

इस बीच, RBI ने अनूप बागाची (Anup Bagchi) को नया मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO नियुक्त करने की मंजूरी दे दी है, जो 27 अक्टूबर 2026 से कार्यभार संभालेंगे। निवेशकों की निगाहें अब 17 अक्टूबर 2026 पर हैं, जब बैंक अपने दूसरी तिमाही के फाइनेंशियल रिजल्ट्स जारी करेगा। मार्केट की नजर मैनेजमेंट की कमेंट्री पर होगी कि वे भविष्य में एसेट क्वालिटी और क्रेडिट ग्रोथ को कैसे मैनेज करेंगे।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.