HDFC Bank ने जून तिमाही में लोन और डिपॉजिट दोनों में डबल-डिजिट ग्रोथ दर्ज की है। बैंक के कुल डिपॉजिट **₹31.71 लाख करोड़** तक पहुंच गए हैं, हालांकि, साल-दर-तारीख (YTD) में स्टॉक में **18%** की गिरावट आई है। निवेशक अब **18 जुलाई** को आने वाले कंपनी के तिमाही नतीजों का इंतजार कर रहे हैं।
HDFC Bank का प्रदर्शन: डिपॉजिट और लोन में दमदार उछाल
बैंक के शेयर सोमवार को 2% से अधिक चढ़े, क्योंकि HDFC Bank ने 30 जून, 2026 को समाप्त तिमाही के लिए अपने प्रोविजनल बिजनेस अपडेट जारी किए। देश के सबसे बड़े प्राइवेट सेक्टर के बैंक के तौर पर, HDFC Bank का प्रदर्शन अक्सर देश में क्रेडिट की मांग का एक बैरोमीटर माना जाता है।
लोन और डिपॉजिट के आंकड़े
जून तिमाही के अंत तक, बैंक के ग्रॉस एडवांसेज (Gross Advances) में साल-दर-साल 15.4% की बढ़ोतरी हुई और यह ₹30.61 लाख करोड़ तक पहुंच गया। वहीं, एवरेज एडवांसेज अंडर मैनेजमेंट (Average Advances Under Management) ₹30.39 लाख करोड़ रहा, जो पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में 10.8% अधिक है। डिपॉजिट जुटाने के मामले में भी बैंक ने मजबूत प्रदर्शन किया, कुल डिपॉजिट 14.7% बढ़कर ₹31.71 लाख करोड़ हो गए। इसमें, टाइम डिपॉजिट (Time Deposits) में 17.4% की महत्वपूर्ण वृद्धि देखी गई, जो ₹21.45 लाख करोड़ तक पहुंच गए। वहीं, करंट अकाउंट सेविंग्स अकाउंट (CASA) डिपॉजिट 9.4% बढ़कर ₹10.26 लाख करोड़ दर्ज किए गए।
बाजार का संदर्भ और शेयर की चाल
इस अपडेट के बाद, बैंक का मार्केट कैप लगभग ₹12.56 लाख करोड़ रहा, और BSE पर शेयर की कीमत इंट्राडे में ₹818 के उच्च स्तर पर पहुंच गई। हालिया सकारात्मक रुझान के बावजूद, जिसने पिछले महीने में स्टॉक में 10% से अधिक की रिकवरी देखी है, शेयर साल-दर-तारीख (YTD) के आधार पर लगभग 18% नीचे बने हुए हैं। यह YTD प्रदर्शन साल भर से बनी हुई निवेशक चिंताओं को दर्शाता है, जो अक्सर मर्जर के बाद बैंक के मार्जिन प्रोफाइल और उच्च लोन ग्रोथ को स्थिर डिपॉजिट लागत के साथ संतुलित करने के चल रहे प्रयास से संबंधित हैं।
निवेशकों के लिए आगे क्या?
हालांकि वर्तमान अपडेट वॉल्यूम ग्रोथ का एक स्नैपशॉट प्रदान करता है, निवेशकों के लिए सबसे महत्वपूर्ण कारक बैंक की लाभप्रदता (Profitability) है। डिपॉजिट ग्रोथ, विशेष रूप से कम लागत वाले CASA और अधिक लागत वाले टाइम डिपॉजिट का मिश्रण, नेट इंटरेस्ट मार्जिन (Net Interest Margin) को सीधे प्रभावित करता है। इसलिए, आगामी पूर्ण वित्तीय नतीजे 18 जुलाई, 2026 को होने वाली आधिकारिक आय घोषणा के दौरान निवेशकों को नेट इंटरेस्ट मार्जिन, एसेट क्वालिटी और क्रेडिट डिमांड सस्टेनेबिलिटी पर कमेंट्री का इंतजार रहेगा। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि ये लोन और डिपॉजिट के आंकड़े वास्तविक बॉटम-लाइन ग्रोथ में कैसे तब्दील होते हैं।
