HDFC Bank Share Price: दमदार मुनाफे के बावजूद शेयर क्यों फिसले? जानिए वजह

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
HDFC Bank Share Price: दमदार मुनाफे के बावजूद शेयर क्यों फिसले? जानिए वजह
Overview

HDFC Bank ने Q4FY26 के नतीजे जारी किए हैं, जिसमें बैंक के नेट प्रॉफिट में **9.1%** की साल-दर-साल (YoY) बढ़त दर्ज की गई है। हालांकि, धीमी नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) ग्रोथ के चलते बैंक के शेयरों में गिरावट देखने को मिली।

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मुनाफे में उछाल, पर इनकम ग्रोथ ने बढ़ाई चिंता

HDFC Bank ने अपने जनवरी-मार्च 2026 तिमाही (Q4FY26) के नतीजे घोषित किए हैं। बैंक का नेट प्रॉफिट 9.1% बढ़कर ₹19,221 करोड़ पर पहुंच गया। इस ग्रोथ में प्रॉविजनिंग में 18.3% की बड़ी कटौती का भी योगदान रहा। पूरे फाइनेंशियल ईयर 2026 के लिए, बैंक का नेट रेवेन्यू 13.6% बढ़कर ₹1,91,220 करोड़ रहा, जबकि प्रॉफिट आफ्टर टैक्स 10.9% बढ़कर ₹74,670 करोड़ दर्ज किया गया।

हालांकि, इन मजबूत नतीजों के बावजूद, सोमवार, 20 अप्रैल 2026 को बैंक के शेयर 1.23% गिरकर ₹790.00 पर आ गए। इसकी मुख्य वजह नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) में आई सुस्त 3.2% की साल-दर-साल ग्रोथ रही। तिमाही के लिए नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIMs) 3.38% पर रहे। दरअसल, पिछले कुछ समय से बैंक के शेयर दबाव में हैं, इस साल अब तक यह लगभग 19% गिर चुके हैं।

पीयर्स (Peers) से पिछड़ती लोन ग्रोथ

HDFC Bank के एडवांसेज़ (Advances) 12.1% बढ़कर ₹29.60 लाख करोड़ हुए, वहीं डिपॉजिट ग्रोथ 14.4% बढ़कर ₹31.05 लाख करोड़ रही, जिससे लोन-टू-डिपॉजिट रेश्यो (LDR) 94.6% पर आ गया। बैंक का मैनेजमेंट का कहना है कि अब फंड की कमी या LDR कोई बाधा नहीं है। लेकिन, यह लोन ग्रोथ प्रतिद्वंद्वी बैंकों जैसे ICICI Bank की 15.8% की ग्रोथ से पीछे है। ICICI Bank का NIM भी 4.32% के मुकाबले HDFC Bank का 3.38% रहा। एनालिस्ट्स (Analysts) का मानना है कि स्टॉक में तेजी के लिए HDFC Bank को अपनी लोन ग्रोथ और तेज करनी होगी।

एसेट क्वालिटी में सुधार, पर वैल्यूएशन पर सवाल

बैंक की एसेट क्वालिटी (Asset Quality) में सुधार दिखा है। ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट (GNPA) रेश्यो Q3FY26 के 1.24% से घटकर 1.15% पर आ गया है। इसके बावजूद, बाजार की चिंता मुख्य रूप से कोर इनकम ग्रोथ में तेजी न आने को लेकर है।

कई ब्रोकरेज फर्म्स (Brokerages) ने 'Buy' या 'Overweight' रेटिंग बरकरार रखी है, जिनका टारगेट प्राइस ₹950 से ₹1,150 तक है। बैंक का P/E रेश्यो (TTM) लगभग 17-18x है, जो ऐतिहासिक औसत 25.00 से काफी कम है। लेकिन, बाज़ार अभी भी इस बात पर ध्यान दे रहा है कि प्रॉफिट में हुई बढ़ोतरी मुख्य रूप से कम क्रेडिट कॉस्ट (Credit Cost) के कारण है, न कि मज़बूत ऑपरेटिंग परफॉरमेंस की वजह से।

₹60,000 करोड़ जुटाने की योजना

बैंक के बोर्ड ने अगले 12 महीनों में कैपिटल (Capital) को और मजबूत करने और भविष्य के विकास को फंड करने के लिए ₹60,000 करोड़ तक जुटाने की योजना को मंजूरी दी है। मैनेजमेंट का फोकस आक्रामक विस्तार के बजाय, जोखिम-प्रबंधित (Risk-Managed) विकास और परिचालन दक्षता (Operational Efficiency) पर है। FY26 में रिटेल लोन ग्रोथ लगभग 6.2% रही, जबकि कॉरपोरेट और MSME सेगमेंट में क्रमशः 13% और 17.2% की ग्रोथ देखी गई।

भविष्य को लेकर सतर्कता

HDFC Bank ने FY27 में इंडस्ट्री से तेज लोन ग्रोथ के अपने पिछले गाइडेंस को दोहराया नहीं है। मैनेजमेंट का यह सतर्क रवैया, जोखिम-और-रिटर्न वाले लोन अवसरों पर केंद्रित होने का संकेत देता है, जिससे नज़दीकी अवधि में मध्यम ग्रोथ का माहौल बन सकता है।

डिविडेंड (Dividend) का ऐलान

बैंक ने FY26 के लिए ₹15.5 प्रति शेयर के डिविडेंड (Dividend) की भी सिफारिश की है, जो शेयरहोल्डर रिटर्न के प्रति बैंक की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.