HDFC Bank Q4 Results: मुनाफा ₹19,221 Cr पार, डिविडेंड ₹13! मर्जर का मार्जिन पर असर जारी

BANKINGFINANCE
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AuthorAditi Chauhan|Published at:
HDFC Bank Q4 Results: मुनाफा ₹19,221 Cr पार, डिविडेंड ₹13! मर्जर का मार्जिन पर असर जारी
Overview

HDFC Bank ने Q4 FY26 के नतीजे जारी कर दिए हैं। बैंक का मुनाफा सालाना आधार पर **9.11%** बढ़कर **₹19,221 करोड़** हो गया है। बैंक ने **₹13** प्रति शेयर का डिविडेंड भी घोषित किया है। हालांकि, HDFC लिमिटेड के साथ मर्जर के चलते नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) पर दबाव बना हुआ है।

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नतीजों पर एक नज़र

HDFC Bank ने Q4 FY26 के लिए अपने स्टैंडअलोन नतीजे पेश किए हैं। बैंक ने इस तिमाही में ₹19,221.05 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया, जो पिछले साल की इसी अवधि के ₹17,616.14 करोड़ की तुलना में 9.11% अधिक है। बैंक का नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) भी 3.8% बढ़कर ₹33,281.5 करोड़ रहा। इन शानदार नतीजों के चलते, बैंक के बोर्ड ने ₹13.00 प्रति इक्विटी शेयर का फाइनल डिविडेंड देने की सिफारिश की है। ऑपरेटिंग प्रॉफिट में भी 4.37% का इजाफा देखा गया और यह ₹27,803 करोड़ पर पहुंच गया। एसेट क्वालिटी के मोर्चे पर भी अच्छी खबर है, ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (GNPA) का अनुपात पिछले तिमाही के 0.42% से घटकर 0.38% हो गया है।

मर्जर का असर और मार्जिन पर दबाव

HDFC लिमिटेड के साथ हुए मर्जर का असर बैंक के नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) पर अभी भी दिख रहा है। इस तिमाही में NIM 3.39% रहा, जो कि पिछले साल के समान स्तर पर है, लेकिन मर्जर से पहले के स्तरों तक पूरी तरह से नहीं पहुंच पाया है। इसका मुख्य कारण है उधार लेने की लागत में वृद्धि और लो-कॉस्ट फंडिंग सोर्स (CASA) के अनुपात में गिरावट। मर्जर के बाद, बैंक का CASA रेश्यो घटकर लगभग 34% रह गया है, जो पहले 44-48% के आसपास हुआ करता था। इसके अलावा, कुल देनदारियां (liabilities) और फंड की लागत भी बढ़ी है, जो NIM पर दबाव डाल रही है।

शेयर की कीमत और वैल्यूएशन

इन नतीजों के बीच, HDFC Bank का शेयर अपनी मर्जर के बाद की ऊंचाई से नीचे कारोबार कर रहा है। अप्रैल 2026 में यह करीब ₹799.90 पर था। बैंक का मार्केट कैपिटलाइजेशन लगभग ₹12.31 लाख करोड़ है। P/E रेश्यो के मामले में, HDFC Bank का P/E 16.5 से 18.5 के बीच है, जो स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के 11-13 के P/E से थोड़ा ज्यादा है, लेकिन ICICI Bank (16.7 से 18.4) के लगभग बराबर है।

भविष्य की राह और विश्लेषकों की राय

वित्तीय वर्ष 2026 में भारतीय बैंकिंग सेक्टर में क्रेडिट ग्रोथ 16.1% और डिपॉजिट ग्रोथ 13.5% देखी गई। ऐसे में टाइट लिक्विडिटी और फंड की लागत का प्रबंधन बैंक के लिए महत्वपूर्ण रहेगा। HDFC Bank का मैनेजमेंट अगले फाइनेंशियल ईयर में सिस्टम-लेवल क्रेडिट ग्रोथ बनाए रखने का लक्ष्य रख रहा है।
विश्लेषकों की मानें तो ज्यादातर 'Buy' रेटिंग दे रहे हैं। 33 रिपोर्ट्स में से 46 एनालिस्ट्स ने 'Buy', एक ने 'Hold' और किसी ने 'Sell' की रेटिंग नहीं दी है। कंसेंसस प्राइस टारगेट वर्तमान ट्रेडिंग प्राइस से लगभग 37.64% की तेजी का संकेत देता है। Motilal Oswal Financial Services का अनुमान है कि FY27 में बैंक का RoA 1.9% और RoE 14.6% रह सकता है। हालांकि, टाइट लिक्विडिटी और बढ़ती फंड लागत जैसे कारक अगले फाइनेंशियल ईयर में मार्जिन ग्रोथ के लिए अहम होंगे।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.