HDFC Bank के MD और CEO शशिधर जगदीशन **26 अक्टूबर 2026** को अपना पद छोड़ देंगे। उन्होंने नया कार्यकाल नहीं लेने का फैसला किया है। इस खबर के बाद निवेशकों में नेतृत्व को लेकर स्पष्टता की उम्मीद जगी है, जिसके चलते शेयर में **2%** से ज्यादा का उछाल देखने को मिला है।
नेतृत्व में बड़ा बदलाव
भारत के सबसे बड़े प्राइवेट सेक्टर लेंडर, HDFC Bank के लिए यह एक बड़ा मोड़ है। शशिधर जगदीशन ने स्पष्ट कर दिया है कि वे अपना कार्यकाल आगे नहीं बढ़ाएंगे। इस खबर के आते ही बाजार ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है और 31 अगस्त 2026 को शेयर में 2% से अधिक की बढ़त दर्ज की गई। निवेशक इसे बैंक की हालिया अनिश्चितताओं को दूर करने के एक अवसर के रूप में देख रहे हैं।
क्यों चुनौतीपूर्ण रहा साल 2026?
यह लीडरशिप ट्रांजिशन ऐसे समय में हो रहा है जब बैंक काफी दबाव में है। साल 2026 की शुरुआत से अब तक शेयर के दाम में करीब 27% की गिरावट आ चुकी है। इसके पीछे मुख्य वजहें HDFC Ltd के साथ 2023 के मर्जर के बाद आ रही एकीकरण की मुश्किलें, मार्जिन पर दबाव और डिपॉजिट ग्रोथ में सुस्ती रही है। मार्च 2026 में चेयरमैन अतानु चक्रवर्ती के इस्तीफे के बाद बैंक के इंटरनल गवर्नेंस को लेकर भी निवेशकों में चिंताएं बनी हुई थीं।
उत्तराधिकारी की तलाश
बैंक बोर्ड ने अब नए उत्तराधिकारी की खोज शुरू कर दी है। बाजार की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या बोर्ड किसी इंटरनल कैंडिडेट जैसे डिप्टी MD कैजाद भरूचा को चुनता है या फिर दिनेश खारा जैसे किसी बाहरी नाम पर दांव लगाता है। अब सबकी निगाहें इस बात पर हैं कि नया नेतृत्व बैंक के मार्जिन प्रोफाइल और गवर्नेंस को कैसे पटरी पर लाता है।
